चंडीगढ़ , नवंबर 17 -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू की गयी 12 प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं शहरी गरीबों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में 107 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) और 165 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूएएएम) कार्यरत हैं। सभी यूपीएचसी और यूएएएम को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में उन्नत कर दिया गया है, जहां मातृ व शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संचारी व गैर-संचारी रोग प्रबंधन, दंत व नेत्र सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों के लिए उपशामक देखभाल तथा आपातकालीन चिकित्सा जैसी 12 विस्तृत सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, जो 2013 में शुरू हुआ था, झुग्गी-झोपड़ी एवं असंगठित क्षेत्रों में रहने वाले शहरी गरीबों-दिहाड़ी मजदूरों, निर्माण श्रमिकों, रिक्शा चालकों कूड़ा बीनने वालों और सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सुश्री राव ने कहा कि ये केंद्र नियमित आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से टीकाकरण पोषण स्वच्छता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को सुनिश्चित कर रहे हैं। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीजों को निःशुल्क दवाएं, जांच सेवाएं, योग सत्र और टेली-परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ यूपीएचसी को विशेषज्ञ शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में भी बदला गया है, ताकि नागरिकों को नजदीक ही विशेषज्ञ सुविधा मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर नागरिक विशेषकर शहरी गरीब आबादी तक सुलभ सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों की तरह अब शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नया मानदंड स्थापित किया गया है।

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