चंडीगढ़ , अप्रैल 14 -- हरियाणा में शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 60 शहरी स्थानीय निकायों में 2,646 आवासों को मंजूरी दी गयी। बैठक में 51 निकायों के 2,409 और नौ निकायों के 237 अतिरिक्त लाभार्थियों की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गयी। इस योजना के तहत अब तक 1.69 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें बीएलसी और एएचपी दोनों श्रेणियां शामिल हैं।

बीएलसी के तहत 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया गया, जिनमें 17,465 स्वीकृत और 29,437 अस्वीकृत हुए। 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग भी पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार पहले ही 17,430 आवासों को मंजूरी दे चुकी है और 2,174 मकानों के लिए 1,304.40 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गयी है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें केंद्र का 1.50 लाख और राज्य का 1.00 लाख हिस्सा होता है। मकान का क्षेत्रफल 30 से 45 वर्ग मीटर निर्धारित है।

सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 2025-26 और 2026-27 के लिए क्षमता निर्माण योजनाओं को भी मंजूरी दी है, जिन पर क्रमशः 704.45 लाख और 772.85 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके तहत तकनीकी सेल, निगरानी, प्रशिक्षण और सामाजिक ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं मजबूत की जाएंगी।

गौरतलब है कि एक सितंबर 2024 से लागू आवास योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कमजोर और मध्यम आयवर्ग को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित