पटना , अप्रैल 07 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजापा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव का शराब माफियाओं से गहरा संबंध रहा है और इसीलिए श्री यादव शराबबंदी से दुखी हैं।

श्री मिश्र ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर तेजस्वी यादव के उस पोस्ट की चर्चा की, जिसमें शराबबंदी को विफल बताया गया है और पलटवार करते हुए कहा कि श्री यादव को शराबबंदी से गहरी चोट लगी है,जिसका दर्द उन्हें रह-रहकर परेशान करता है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने आज बयान जारी कर कहा कि श्री यादव के शराबबंदी से दुखी होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि शराब माफियाओं से राजद का गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि शराब के कारोबार से उगाही गई एक बड़ी राशि राजद के फंड में जाती रही है, लेकिन, शराबबंदी में शराब माफियाओं का धंधा बंद होने से राजद के फंड में शराब के पैसे आने बंद हो गये हैं।

श्री मिश्र ने कहा कि बिहार सरकार ने राज्य और समाज के हित में शराबबंदी का फैसला लिया है। शराबबंदी के 10 साल पूरे होने पर इसके सकारात्मक परिणाम हर तरफ दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद घरेलू हिंसा में कमी आयी है और सड़क हादसे भी अब पहले की अपेक्षा कम हो गये हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद सरकार ने व्यापकता और सघनता के साथ प्रदेश में जागरूकता अभियान भी चलाया और शराब पीने से होने वाले नुक़सान के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इसके बाबजूद कुछ लोग गड़बड़ी करते हैं, जिससे कई बार जहरीली शराब से लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ दुखद और निराशाजनक हैं, लेकिन इसके लिए शराबबंदी को ग़लत कहता उचित नही है।

श्री मिश्र ने कहा कि तेजस्वी यादव को शायद इस बात ज्ञान नहीं है कि शराब पीने से कितना नुक़सान होता है। उन्होंने कहा कि उनकी अल्प शिक्षा शायद इसकी वजह है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी है और आगे भी सख्ती के साथ लागू रहेगी।

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