रांची , दिसम्बर 10 -- झारखंड में चर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को भी आईएएस अधिकारी अमित कुमार से लगातार चौथे दिन पूछताछ की।
अमित कुमार पूर्व में उत्पाद आयुक्त और झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के प्रबंध निदेशक रहे हैं। वर्तमान में वे वाणिज्यकर विभाग में आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
मंगलवार को भी लगातार तीसरे दिन उनसे पूछताछ की गई थी, लेकिन उनके जवाबों से जांच टीम संतुष्ट नहीं हो सकी। इसी कारण बुधवार को फिर से उन्हें तलब किया गया। अधिकारियों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट उत्तर अब तक नहीं मिल पाए हैं, विशेषकर उन निर्णयों को लेकर जो मई 2022 में लागू की गई नई उत्पाद नीति के दौरान लिए गए थे।
जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि छत्तीसगढ़ की ब्लैकलिस्टेड प्लेसमेंट एजेंसियों और शराब कारोबार से जुड़े व्यक्तियों को झारखंड में काम करने की अनुमति कैसे मिली। इन एजेंसियों पर पहले से ही अनियमितताओं के आरोप लगे थे, बावजूद इसके उन्हें राज्य के शराब कारोबार में शामिल किया गया। बाद में इन्हीं कंपनियों पर घोटाले में संलिप्त होने के गंभीर आरोप सामने आए।
एसीबी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कंपनियों को शामिल करने की प्रक्रिया में क्या नियमों का उल्लंघन हुआ और फैसले किस स्तर पर लिए गए। जांच अधिकारियों के अनुसार, अमित कुमार इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण पूछताछ का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में एसीबी अन्य अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से भी पूछताछ कर सकती है।
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