मुंबई , जनवरी 08 -- वैश्विक अनिश्चितताओं से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखी गयी और प्रमुख सूचकांक करीब एक प्रतिशत की गिरावट में बंद हुए।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 780.18 अंक (0.92 प्रतिशत) टूटकर 11 नवंबर 2025 के बाद के निचले स्तर 84,180.96 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 263.90 अंक यानी 1.01 प्रतिशत लुढ़ककर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ जो इसका 18 दिसंबर के बाद का निचला स्तर है।

अमेरिका के 66 वैश्विक संधियों से अलग होने और रूस पर कड़े प्रतिबंध वाला विधेयक लाने से दुनिया भर के बाजारों में निवेशकों में अनिश्चितता देखी गयी। मझौली और छोटी कंपनियों का तो और भी बुरा हाल रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.82 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.99 प्रतिशत लुढ़क गया।

सभी सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। धातु समूह का सूचकांक 3.40 प्रतिशत, तेल एवं गैस का 2.84, सार्वजनिक बैंकों का 2.08, आईटी का 1.99, रियलिटी का 1.71, फार्मा का 1.39, स्वास्थ्य और मीडिया दोनों के 1.38, गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं का 1.43 और रसायन समूह का सूचकांक 1.22 प्रतिशत फिसल गया। ऑटो और एफएमसीजी समूहों के सूचकांक भी एक फीसदी के करीब टूटे।

सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक साढ़े तीन फीसदी गिरकर बंद हुआ। टेक महिंद्रा में भी लगभग तीन फीसदी की गिरावट रही। टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर क्रमशः पौने तीन फीसदी और सवा तीन फीसदी टूटे।

टाटा स्टील, ट्रेंट, पावरग्रिड, इंफोसिस, एनटीपीसी, सनफार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, इंडिगो और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच गिर गये। भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। इंटरनल में लगभग एक प्रतिशत की तेजी रही। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर भी बढ़त में रहा।

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