जम्मू , मार्च 16 -- श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने सोमवार को कहा कि केवल वैध 'रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान' (आरएफ़आईडी) कार्ड रखने वाले तीर्थयात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।
श्री वैश्य ने 19 मार्च से शुरू होने वाली चैत्र नवरात्र की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज रियासी जिले के कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में बैठक बुलाई। यह बैठक श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देशों के अनुसार की गई, ताकि यात्रा का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जा सके और नवरात्र के दौरान पवित्र मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुविधाएं प्रदान की जा सकें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित विभागों को आरएफ़आईडी आधारित यात्रा कार्डों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि बिना वैध कार्ड के किसी को भी अनुमति न मिले। उन्होंने कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य जांच चौकियों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे और तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन और जागरूकता के लिए नियमित सार्वजनिक घोषणाएं की जाएंगी।
पवित्र मंदिर तक जाने वाले पूरे मार्ग पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा तैनाती, आपदा तैयारी और तीर्थयात्री सुविधाओं सहित यात्रा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सजावट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आग के खतरों को कम करने के लिए गैर-सिंथेटिक (प्राकृतिक) सामग्री के उपयोग पर जोर दिया गया। अग्नि एवं आपातकालीन सेवा के प्रतिनिधि को पूरे मार्ग और मंदिर क्षेत्र का व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक स्थानों पर दमकल वाहनों और कर्मचारियों की तत्परता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारी भीड़ के दौरान, तीर्थयात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने और प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सर्वोत्तम उपयोग किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आवश्यकताओं के अनुरूप एक मजबूत और सक्रिय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में पिट्ठू और खच्चर मालिकों के दस्तावेजों की नियमित जांच सहित उनके कड़े सत्यापन पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोका जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि केवल अधिकृत सेवा प्रदाता ही यात्रा मार्ग पर कार्य करें।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और कड़ी निगरानी रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर भी विचार किया गया। इसके अलावा, 'एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र' के माध्यम से निगरानी के दौरान निर्बाध समन्वय के लिए उन्नत वायरलेस संचार सेटों के उपयोग पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य मंदिर क्षेत्र और उसके आसपास वास्तविक समय में संचार, निगरानी और समग्र सुरक्षा प्रबंधन को बढ़ाना है। अनधिकृत पार्किंग के कारण होने वाली यातायात की समस्या को दूर करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया और यह निर्णय लिया गया कि ऐसे वाहनों को हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, नवरात्र की अवधि के दौरान तीर्थयात्रियों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए कटरा रेलवे स्टेशन पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया और एक विस्तृत सुरक्षा खाका पेश किया, जिसमें त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती और पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को मिलाकर एक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।
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