विशाखापत्तनम , नवंबर 15 -- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला ने दुर्लभ खनिज क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग स्थापित करने और इस क्षेत्र में भारत से निवेश आकर्षित करने की इच्छा प्रकट की है।

भारत ने वेनेजुएला से भारतीय औषधियों के लिए बाजार व्यवस्था को आसान बनाने का सुझाव दिया है और वाहन क्षेत्र में भी द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं का लाभ उठाने पर बल दिया है।

वेनेजुएला के खनन विकास मंत्री हेक्टर सिल्वा ने शुक्रवार को यहां केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुलाकात में द्विपक्षीय आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों पर बातचीत की। श्री सिल्वा यहां कल से चल रहे दो दिवसीय 30वें सीआईआई साझेदारी शिखर सम्मेलन के सिलसिले में आये हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों मंत्रियों की 'बैठक के दौरान, वेनेजुएला से आये प्रतिनिधिमंडल ने खनिज तेल क्षेत्र के अलावा भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने में रुचि व्यक्त की, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों में के क्षेत्र में सहयोग और भारतीय निवेश आकर्षित करना शामिल है।'विज्ञप्ति के मुताबिक श्री गोयल ने द्विपक्षीय संयुक्त समिति की बैठकें फिर शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। पिछले एक दशक से इसकी बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में ओएनजीसी के खनन और अन्वेषण कार्य से दोनों पक्षों के बीच सहयोग की मजबूत संभावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

श्री गोयल ने वेनेजुएला को भारत से औषधियों का आयात सुगम बनाने के लिए भारतीय फार्माकोपिया को स्वीकार करने पर विचार करने का सुझाव दिया। उन्होंने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला में निवेश की संभावनाओं की तलाश कर रहे व्यवसायों के साथ जुड़ेगा।

लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला खनिज तेल एवं प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। भारत वहां से मुख्यत: खनिज तेल-गैस का आयात करता है। भारत से वहां के लिए किए जाने वाले निर्यात में दवाएं, रसायन, वस्त्र, मशीनरी, इंजीनियरिंग सामान का बड़ा योगदान है।

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