बैतूल , मार्च 10 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के पाथाखेड़ा कोयला क्षेत्र में कार्यरत वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की भूमिगत खदानों के ठेका मजदूरों ने वेतन न मिलने और शोषण का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की।

मजदूरों का कहना है कि वे पाथाखेड़ा क्षेत्र की भूमिगत खदानों में जोखिम भरे वातावरण में काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है। कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन से चार महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।

मजदूरों ने आरोप लगाया कि खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियां श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं कर रही हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन द्वारा तय मजदूरी लगभग 1365 रुपये प्रतिदिन है, लेकिन कई बार भुगतान नहीं किया जाता। यदि मजदूरी खाते में जमा भी होती है तो ठेकेदार दबाव बनाकर मजदूरों से अधिकांश रकम वापस ले लेते हैं और उन्हें केवल 400 से 500 रुपये ही रखने देते हैं।

प्रदर्शनकारी मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब वे पूरी मजदूरी की मांग करते हैं तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी जाती है। कुछ मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार गनमैन के साथ आकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं, जिससे श्रमिक भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।

मजदूरों ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड से जुड़ी अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई श्रमिकों को यह तक जानकारी नहीं दी जा रही कि उनके भविष्य निधि खाते में कितनी राशि जमा की जा रही है।

बताया गया कि पाथाखेड़ा क्षेत्र की खदानों में करीब 18 ठेकेदार कार्य कर रहे हैं और उनके अधीन लगभग 450 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। मजदूर पिछले 11 दिनों से पाथाखेड़ा स्थित डब्ल्यूसीएल कार्यालय के पास अपनी मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

मंगलवार को मजदूर नेता प्रदीप नागले और मनोज पवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक बैतूल पहुंचे और कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कलेक्टर से मुलाकात के दौरान श्रमिकों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं, जिस पर कलेक्टर ने श्रम विभाग को सात दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित