तिरुवनंतपुरम , जनवरी 14 -- अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने केंद्र के हालिया संशोधनों का कड़ा विरोध करते हुए केरल विधानसभा से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित करने का आह्वान किया है।

श्री वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर विस्तार से कहा कि केरल सरकार को तेलंगाना और कर्नाटक का अनुसरण करना चाहिए, जहाँ केंद्र के इस कदम के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केरल में भी ग्राम सभाएं बुलाने सहित इसी तरह की पहल की जानी चाहिए।

तेलंगाना विधानसभा ने सर्वसम्मति से नए रोजगार गारंटी कानून को वापस लेने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है, जबकि कर्नाटक सरकार ने इस मामले पर विचार-विमर्श के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।

श्री वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे इसकी मूल भावना कम हुई और संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधनों को सार्थक चर्चा के बिना आगे बढ़ाया गया और शक्तियों को स्थानीय स्वशासन संस्थानों से हटाकर केंद्र को सौंप दिया गया।

महासचिव ने कहा कि मजदूरी साझा करने के पैटर्न में बदलाव और 'बायोमेट्रिक' शर्तों को लागू करने का उद्देश्य श्रमिकों को योजना से बाहर करना है। उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम का नाम बदलना राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के अनुरूप गांधीवादी मूल्यों को कमजोर करने के प्रयास को दर्शाता है।

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