गरियाबंद, फरवरी 03 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पाण्डुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत तौरंगा जलाशय में आयोजित वेटलैंड दिवस कार्यक्रम में गंभीर लापरवाही का मामला आज सामने आया है।

आरोप है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी पाण्डुका संतोष चौहान एवं उनके स्टाफ द्वारा स्कूली बच्चों को बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के, पढ़ाई के समय स्कूल से उठाकर कड़ी धूप में कार्यक्रम स्थल पर लाया गया और उनसे स्वच्छता अभियान सहित अन्य गतिविधियों में काम कराया गया।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ बढ़ाने और फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से बच्चों का उपयोग किया गया। जबकि वर्तमान समय में छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, ऐसे में उन्हें कक्षा से हटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर कार्यक्रम स्थल पर ले जाना न केवल शैक्षणिक नुकसान है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ माना जा रहा है।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला, जनपद एवं पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से प्रचार किया, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा कि तेज धूप में घंटों खड़े बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

मामले में शासकीय स्कूल तौरंगा के प्रधानपाठक महेश सिन्हा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे निजी कारणों से दो दिनों से बाहर थे और उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि उनके गैरहाजिर रहते हुए स्कूल स्टाफ द्वारा बच्चों को वन विभाग की गाड़ी में बैठाकर कार्यक्रम में भेजा गया, जो कि एक गंभीर भूल है।

प्रधानपाठक ने कहा कि "पढ़ाई के लिए आए बच्चों को किसी दूसरे विभाग के कार्यक्रम में भेजना पूरी तरह गलत है। यह हमसे बड़ी गलती हुई है और आगे ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी।" साथ ही उन्होंने इस मामले को उजागर न करने की अपील भी की।

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