बेंगलुरु , जनवरी 10 -- केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को कांग्रेस पर वीबी-जी-राम-जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर "सुविधाजनक झूठ" गढ़ने का आरोप लगाया और कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस उस राजनीतिक माहौल से सामंजस्य नहीं बिठा पा रही है, जहां "पुरानी राजनीति अब बिना सवालों के स्वीकार नहीं की जातीं।"उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना में तैयार इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार तंत्र को तोड़ना नहीं, बल्कि उसकी खामियों को दुरुस्त करना है, लेकिन इसके बावजूद इसे जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

श्री कुमारस्वामी ने महात्मा गांधी के नाम के बार-बार इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दशकों तक देश पर शासन करने वाली पार्टी को गांधीवादी आदर्शों का पालन करने की बजाय नेहरू परिवार के नाम पर योजनाएं चलाने में अधिक सहजता रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नैतिक अधिकार का दावा वही कर रहे हैं, जिन्होंने उसे कब का गिरवी रख दिया है।

मनरेगा का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या वर्षों तक चले "फर्जी बिल, संदिग्ध जॉब कार्ड और पता न चल पाने वाले लाभार्थियों" को प्रशासनिक फुटनोट मानकर नजरअंदाज किया जा सकता है।

मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए श्री कुमारस्वामी ने कहा कि सुधार तोड़फोड़ नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित "घर की सफाई" हैं।

उन्होंने बताया कि जी-राम-जी ढांचा ग्राम पंचायतों या राज्यों के अधिकार को कम नहीं करता, बल्कि ग्राम सभाओं, सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शी फंड प्रवाह के जरिए जमीनी स्तर पर निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करता है।

श्री कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार पर केंद्रीय निधियों का प्रभावी उपयोग न करने का आरोप लगाया और कहा कि जहां जवाबदेही की जरूरत थी, वहां अपारदर्शिता को बढ़ावा दिया गया। संशोधित 60 : 40 के अनुपातिक वित्तपोषण मॉडल के तहत केंद्र ने अधिकार नहीं छीने, बल्कि साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भ्रम को आलोचना के रूप में पेश किया जा रहा है। भारी धन की कथित हेराफेरी के आरोपों पर उन्होंने 11 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को अज्ञानता या जानबूझकर किया गया भ्रम बताया और स्पष्ट किया कि यह वर्षों में हुआ कुल व्यय है, न कि घोटाला।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने आरोप लगाया, "कांग्रेस पार्टी योजनाओं में नहीं, घोटालों में विश्वास करती है। यूपीए सरकार के दौरान हुए घोटालों के कारण भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सका।"उन्होंने मनरेगा और अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में सुधार लाने के एनडीए सरकार के कदमों का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। जबकि कांग्रेस झूठा प्रचार कर रही है।

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