मथुरा , जनवरी 11 -- उत्तर प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ''विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) अधिनियम'' देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह कानून संशोधित नए स्वरूप में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, आजीविका, समाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता का अधिकार, समय मजदूरी का भुगतान, ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता, टेक्नोलॉजी के माध्यम से निगरानी, अधिक समय से लंबित भुगतान के लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी आदि उक्त योजना की विशेषताएं है। योजना से श्रमिकों को गरिमा एवं सम्मान मिलेगा। भुगतान में देरी होती है, तो ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा। काम न प्रदान करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उक्त योजना का उद्देश्य सभी को मुख्य धारा में जोड़ने है। योजना की मॉनिटिंग के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समिति बनाई जाएगी। यह एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत का आत्म सम्मान पत्र है। देश का किसान और श्रमिक मजबूत होगा।

श्री सिंह ने कहा कि विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अब 125 दिन ग्रामीण रोजगार की गारंटी, बेरोजगारी भत्ते के लिए बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी का भुगतान और देरी होने पर मुआवजा, तकनीक के जरिए सशक्तिकरण करना, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, स्थानिक प्रौद्योगिकी सक्षम आयोजन, रियल टाइम डैशबोर्ड, जियो टैगिंग, ए0आई0 आधारित विश्लेषण, नागरिक सहभागिता प्लेटफार्म आदि है।

उन्होने कहा कि कार्य की चार प्रमुख श्रेणीयां है जिसमें, जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्धन के कार्य, जल वायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य। ये चारों क्षेत्र मिलकर विकास, सशक्तिकरण, कन्वर्जेंस और स्थाई आजीविका का आधार बनेगा।

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