राजकोट , जनवरी 12 -- गुजरात के कैबिनेट मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस-कच्छ और सौराष्ट्र' (वीजीआरसी) के दौरान 5.78 लाख करोड़ रुपए के निवेश के 5492 समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने की सोमवार को घोषणा की है।
श्री वाघाणी ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए यहां कहा कि वर्ष 2047 तक सौराष्ट्र और कच्छ को विकसित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी, तब उन्हें अनेक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनके अचल विश्वास और विजन के कारण आज गुजरात और भारत विकास की लंबी छलांग लगा रहे हैं।
उन्होंने गर्व से कहा कि इस रीजनल कॉन्फ्रेंस में हमारे प्रधानमंत्री की मौजूदगी, जिनसे दुनिया भर की प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयां मिलने को आतुर होती हैं, यह दर्शाती है कि सौराष्ट्र और कच्छ का विकास उनके लिए कितना मायने रखता है।
श्री वाघाणी ने वाइब्रेंट गुजरात की ऐतिहासिक यात्रा और सफलता के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में पहले वाइब्रेंट गुजरात के दौरान केवल 66 हजार करोड़ रुपए के 80 एमओयू किए गए थे, जिसके मुकाबले आज राजकोट में आयोजित इस रीजनल कॉन्फ्रेंस में ही 5.78 लाख करोड़ रुपए के 5492 एमओयू संपन्न हुए हैं। ये आंकड़ें और अनेक देशों की सहभागिता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर अटूट विश्वास को दिखाते हैं। उनके नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे आयाम साकार हो रहे हैं, जिसका सीधा लाभ गुजरात के उद्योगपतियों और इकाइयों को मिल रहा है।
उन्होंने कॉन्फ्रेंस के दौरान विभिन्न सेक्टरों में हुई गहरी चर्चाओं के उद्योगों के लिए मार्गदर्शक साबित होने का विश्वास व्यक्त करते हुए औद्योगिक इकाइयों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आगामी 15 जनवरी तक चलने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन का लाभ लेने का अनुरोध किया। अंत में, उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि जब भारत विश्वगुरु के स्थान पर विराजेगा, तब सौराष्ट्र और कच्छ उसके मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेंगे।
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