भोपाल , दिसंबर 2 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को दूसरे दिन मध्यप्रदेश नगरपालिका संशोधन अध्यादेश-2025 सर्वसम्मति से पारित हो गया। लंच‐ब्रेक के बाद सीहोर जिले के वीआईटी विश्वविद्यालय में हुई मारपीट और आगजनी की घटना पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस विधायक दिनेश जैन 'बोस' ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामले को उठाया।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि चार हजार छात्रों का सड़क पर उतरना गंभीर मामला है, सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। विपक्ष ने मजिस्ट्रेट जांच और छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की।
वही नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगरपालिका संशोधन अध्यादेश पर कहा कि प्रत्यक्ष प्रणाली लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूती देगी। राइट टू रिकॉल की अवधि ढाई वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इससे जनता को सीधा लाभ नहीं होगा और यह टिकट बेचने का माध्यम बन सकता है।
जबकि कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अचानक बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल जाना।
इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने खराब फसलों की स्थिति को दर्शाती तख्तियां लेकर सदन में प्रदर्शन किया। विपक्ष ने किसानों को मुआवजा देने की मांग की, वहीं राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अब तक दो हजार अड़सठ करोड़ रुपये राहत राशि के रूप में वितरित किए जा चुके हैं।
दिवस भर की कार्यवाही में दूसरे अनुपूरक बजट की पेशकश, बच्चों में स्मार्टफोन की लत नियंत्रित करने के उपाय, खंडवा में अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग तथा कई विषयों पर विपक्ष-सत्ता पक्ष के बीच बहस जारी रही।
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