नागपुर , फरवरी 17 -- विश्व हिंदू परिषद(विहिप) के संगठन महासचिव मिलिंद परांडे ने कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे की उस टिप्पणी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वित्तीय पारदर्शिता और वैधानिक स्थिति पर सवाल उठाया था।

श्री परांडे ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मंगलवार को कहा कि श्री खरगे की टिप्पणी राष्ट्रवादी संगठनों को कमजोर करने की कोशिश है, लेकिन वे उनकी साख को नुकसान पहुंचाने में कामयाब नहीं होंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस अपनी कार्यप्रणाली से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कांग्रेस नेता पर हिंदुत्ववादी संगठनों के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का दोष मढ़ा। विहिप नेता की यह प्रतिक्रिया श्री खरगे की बेंगलुरु में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों के फंडिंग के स्रोतों पर चिंता व्यक्त करने के बाद आयी है।

उन्होंने दावा किया कि लगभग 2,500 संगठन आरएसएस से जुड़े हैं और अमेरिका तथा ब्रिटेन सहित अन्य देशों से धन एकत्र किया जा रहा है। इस आधार पर श्री खरगे ने सुझाव दिया कि संगठन से जुड़ा बड़े स्तर का धन शोधन अभियान हो सकता है।

श्री खरगे ने 'गुरु दक्षिणा' की अवधारणा पर भी सवाल उठाये और कहा कि आरएसएस इसे भगवा ध्वज के प्रति सम्मान अर्पित करने के समान मानता है। उन्होंने तुलना करते हुए तर्क दिया कि कोई भी व्यक्ति झंडा फहरा सकता है और धन इकट्ठा करना शुरू कर सकता है और उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी प्रथा कानूनी रूप से स्वीकार्य होगी।

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