ग्वालियर , जनवरी 05 -- मध्यप्रदेश में ग्वालियर से लगभग 115 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जैतपुरा उदी मोड़ पर स्थित विहसंत सागर तीर्थधाम के नवनिर्माण कार्य का शिलान्यास रविवार 15 मार्च 2026 को प्रातः 9 बजे से किया जाएगा। यह कार्यक्रम विहसंत सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के निर्देशन में आयोजित होगा, जिसमें ग्वालियर-चंबल संभाग सहित देश-विदेश से जैन समाज के श्रद्धालु शामिल होंगे।

यह जानकारी सोमवार को ग्वालियर में विराजित मेडिटेशन गुरु उपाध्याय 108 विहसंत सागर मुनिराज ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि शिलान्यास समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। विहसंत सागर तीर्थधाम का निर्माण लगभग 4 बीघा 242 वर्ग गज क्षेत्र में किया जाएगा। यह स्थान साधु-संतों के लिए ध्यान, अध्ययन, आहारचार्य, तपस्या और आत्मकल्याण के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा।

उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज ने बताया कि तीर्थधाम में 12 विभिन्न कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर पर करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि विहसंत सागर तीर्थधाम से लगभग 50 किलोमीटर दूर जैन तीर्थ शौरीपुर-बटेश्वर क्षेत्र स्थित है, जो भगवान नेमिनाथ की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।

इस अवसर पर जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी के सानिध्य में विहसंत सागर तीर्थधाम में भगवान मल्लिनाथ जी की साढ़े 19 फुट ऊंची प्रतिमा विराजित की जाएगी, जिसे विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में शामिल किया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश के इसी क्षेत्र के भूगर्भ से प्राप्त भगवान श्री आदिनाथ जी की लगभग 1800 वर्ष पुरानी प्राचीन प्रतिमा भी यहां विराजमान होगी।

विहसंत सागर मुनिराज ने बताया कि शिलान्यास समारोह में ग्वालियर जिले से 15 बसें, शिवपुरी से 35, भिंड से 25, आगरा (उत्तर प्रदेश) से 25, डबरा से 2 बसें, गोहद सहित अन्य क्षेत्रों से भी बसों के माध्यम से श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी जैन समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि विहसंत सागर तीर्थधाम में विशाल जैन मंदिर, संत भवन, गौशाला, आश्रय भवन, अस्पताल, गुरुकुल, संग्रहालय, यात्रियों के लिए भोजनालय, संतों की आहारशाला, वाटिका, समाधि स्थल और मेडिटेशन टेंपल सहित अनेक निर्माण कार्य किए जाएंगे।

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