नयी दिल्ली , जनवरी 9 -- गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादियों और विघटनकारी तत्वों द्वारा विस्फोट में प्रयोग किये जाने वाले विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक महत्वपूर्ण डाटा प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन किया जो आतंकवाद से बचाव और आतंकवादी घटनाओं की विवेचना में बड़ी सहायक हो सकती है।

श्री शाह ने राजधानी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय आईईडी सूचना प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रणाली देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनएसजी के महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित थे। एनएसजी प्रधानमंत्री सुरक्षा और आतंकवादियों से लड़ने वाला देश का एक उत्कृष्ट कमांडो बल है।

गृह मंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि गत छह वर्षों में अनेक प्रकार का डेटा सृजित कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण काम हुआ है और एनआईडीएमएस आतंकवाद के विरुद्ध अगली पीढ़ी का सुरक्षा कवच बनेगा। उन्होंने कहा गृह मंत्रालय ने विगत वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन ये अब तक ये सब अलग अलग जगह फैले थे। अब इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा , '' एनआईडीएमएस की आज की यह शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।'' यह सुविधा आज से चालू हो गयी है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा देश के लगभग शत-प्रतिशत (17741) पुलिस स्टेशन सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी खोज नेटवर्क ) से जुड़े हुए हैं, जिससे उनका ऑनलाइन डेटा उपलब्ध हो जाता है। आईसीजेएस-2 (इंटरआपरेटिव अपराध न्याय प्रणाली फेज-2), वन डेटा-वन एंट्री की अवधारणा वाला एक नेक्स्ट-जेन डेटा सेविंग सिस्टम के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि 22 हजार अदालतों, ई-प्रिजन के माध्यम से लगभग 2 करोड़ 20 लाख कैदियों और ई-प्रॉसीक्यूशन के माध्यम से 2 करोड़ अभियोजनों के डेटा के अलावा ई-फॉरेंसिक के माध्यम से 31 लाख सैंपलों के परिणाम और उंगलियों के निशान की शिनाख्त करने की स्वचालित राष्ट्रीय प्रणाली (एनएएफआईएस) के माध्यम से 1 करोड़ 21 लाख फिंगरप्रिंट्स का रिकॉर्ड आज एक क्लिक पर उपलब्ध है। अब इसमें एनआईडीएमएसभी शामिल हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि एआई के मदद से एनआईडीएमएस अन्य डेटा के साथ जुड़ देश में एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार करेगा।

इससे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), देशभर की आतंकवाद रोधी दल (स्क्वाड) एटीएस , राज्यों की पुलिस और सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो सूचनाओं के आदान प्रदान का दो-तरफा तंत्र होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या आईईडीसंबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक दिशा मिलग सकेगी।

श्री शाह ने कहा कि यह प्रणाली आतंकी गतिविधियों की जांच, इस्तेमाल किये जाने वाले विस्फोटों की प्रवृत्तियों को समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एनएसजी के पास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अब तक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहित हैं। ये सूचनाएं अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होंगी। इस तरह यह प्रणाली बम विस्फोटों के पैटर्न, तौर-तरीकों और इस्तेमाल हुए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने का मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा। इससे घटनाओं के बीच संबंध , तौर-तरीकों, विस्फोटक की सर्किट पद्धति के आधार पर उनकी प्रकृति और उनके पीछे की बातों को समझने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

श्री शाह ने कहा कि 'एक देश, एक डाटा संग्रह केंद्र' के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा। श्री शाह ने कहा कि यह सही सूचना को सही समय और सही जगह पर पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास होगा।

श्री शाह ने कहा, '' एनएसजी हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। इस संगठन के जवानों की वीरता, अद्वितीय कौशल और अटूट समर्पण के कारण हमारे नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी हमला हो, उसका सटीक और त्वरित जवाब देना हो, एंटी-हाइजैक ऑपरेशन के लिए निरंतर तैयारी बनाए रखनी हो, बम डिस्पोजल के ऑपरेशन हों या कोई अन्य चुनौती-हर क्षेत्र में एनएसजी ने न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि हर बार सफल परिणाम भी दिए हैं।"गृहमंत्री ने कहा कि वर्ष 1984 में स्थापित एनएसजी दुनिया भर की आतंकी घटनाओं का निरंतर विश्लेषण करके खुद को हर प्रकार की घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधक गतिविधियाँ, विमान हाइजैक विरोधी अभियान, बम को निष्क्रिय करने की उन्नत प्रणाली और अब इसका डेटा सभी एजेंसियों के साथ साझा करने का प्लेटफॉर्म तैयार करना-ये सभी महत्वपूर्ण कार्य एनएसजी कर रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित