नयी दिल्ली , दिसंबर 08 -- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पंजाबी बाग में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक 9 दिसंबर से शुरू हो रही है।

यह विहिप की सबसे महत्वपूर्ण संत-परिषद है जिसमें चारों पीठों के जगतगुरु शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, अखाड़ों के प्रमुख, देश के प्रमुख संत, और विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इस बैठक में विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंत्री बजरंग बागड़ा और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की वर्तमान धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर गहन चर्चा करना है। हिंदू समाज के सामने मौजूद कई चुनौतियों-जैसे धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं, लव जिहाद से जुड़े मामले, मंदिरों और तीर्थस्थलों की सुरक्षा, तथा हिंदुत्व की विचारधारा को मजबूत बनाने-पर संत समाज विस्तार से विचार-विमर्श करेगा। संतों द्वारा दी गई सलाह और दिशा-निर्देश संगठन की भविष्य की नीतियों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह बैठक सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू समाज के लिए महत्वपूर्ण चिंतन का अवसर है। देश भर से आए संत समाज की उपस्थिति इसे और अहम बनाती है। उन्होंने बताया कि बैठक में विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंत्री बजरंग बागड़ा सहित विहिप के अनेक केंद्रीय पदाधिकारी भी सम्मिलित होंगे।

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