चेन्नई , फरवरी 10 -- वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका और समुद्री अवयव (मरीन इंग्रीडिएंट्स) क्षेत्र में बढ़ती स्थिरता संबंधी चुनौतियों पर बुधवार को यहां एक क्षेत्रीय कार्यशाला में विशेष चर्चा होगी। यह कार्यशाला यहां चल रही विश्व सीफूड कांग्रेस के दौरान आयोजित की जा रही है।

यह कार्यशाला बे ऑफ बंगाल प्रोग्राम इंटर-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन (बीओबीजी-आईजीओ) कर रहा है। बीओबीजी-आईजीओ के निदेशक डॉ. पी. कृष्णन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।केंद्रीय मत्स्य पालन संयुक्त सचिव सागर मेहरा कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। इस क्षेत्रीय कार्यशाला का मुख्य विषय भारत की सीफूड अर्थव्यवस्था और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) क्षेत्र की भूमिका पर रहेगा। साथ ही, वैल्यू चेन से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श होगा।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सहयोग से आयोजित हो रही इस चर्चा में भारत का एक्वाकल्चर क्षेत्र, मजबूत निर्यात बाजार और एक्वाफीड की बढ़ती मांग पर चर्चा होगी। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों के क्षेत्रीय दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित