गाजीपुर , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के हरिहरपुर स्थित दक्षिणमुखी काली धाम में चैत्र वासांतिक नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विश्व के कई देश युद्ध की विभीषिका झेल रहे हैं, ऐसे में विश्व में शांति स्थापित करने की क्षमता केवल भारत में है।

महामंडलेश्वर ने आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न दावों के बीच यह स्पष्ट हो रहा है कि विश्व को स्थायी शांति की दिशा देने में भारत एक मजबूत आधार बन सकता है। भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना पर चलने वाला देश है, जो विश्व को एक परिवार मानता है। महामंडलेश्वर ने नवरात्र और ईद के एक साथ पड़ने को सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताते हुए कहा कि दोनों समुदायों द्वारा उपवास और इबादत/पूजा करना समाज में शांति और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने सभी लोगों से नवरात्र के दौरान विश्व शांति और युद्ध पीड़ितों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया।

उन्होंने शंकराचार्य प्रकरण पर कहा कि धर्माचार्यों और प्रशासन को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। किसी भी प्रकार की असहज स्थिति से बचने के लिए आपसी तालमेल जरूरी है।

स्वामी भवानीनंदन यति ने कहा कि संयमित आहार और भक्ति दोनों ही जीवन के लिए आवश्यक हैं। संयमित भोजन शरीर को मजबूत बनाता है, जबकि भजन आत्मिक शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर उन्होंने गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी तथा काशी क्षेत्र के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक विपिन सिंह को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए.के. राय और कमल किशोर ने किया।

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