फगवाड़ा , मार्च 02 -- राज्य सभा सदस्य एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपनी फिलीपींस यात्रा के दौरान दो अलग-अलग धार्मिक सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्थायी विश्व शांति केवल गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और 'सरबत दा भला' (सभी का कल्याण) के सिद्धांत का पालन करके ही संभव है।
सोमवार को यहां जारी बयान में संत सीचेवाल ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा किये गये संयुक्त हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि युद्ध के भी कुछ नियम और नैतिक सीमाएं होती हैं, लेकिन स्कूली बच्चियों और परिवार के सदस्यों सहित निर्दोष लोगों की जान जाना मानवता के लिए अत्यंत दर्दनाक और चिंताजनक है।
'एक ओंकार इंडियन निर्मल सिख मंदिर पांकी' और 'दशमेष गुरसिख मंदिर मारियो बुलाकान' में संगत को संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि सिख समुदाय दुनिया का एकमात्र ऐसा समुदाय है, जो अपनी दैनिक अरदास में 'सरबत दा भला' के माध्यम से पूरी मानवता के कल्याण की कामना करता है। फिलीपींस में बसे पंजाबी समुदाय की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि विदेश में रहने के बावजूद प्रवासी पंजाबी अपनी मातृभाषा, संस्कृति और अपनी मिट्टी से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उन्होंने बच्चों को पंजाबी भाषा और परंपराओं से जोड़े रखने के उनके प्रयासों की सराहना की।
संत सीचेवाल ने प्रवासी पंजाबियों से अपने पैतृक गांवों को गोद लेने और उनके सर्वांगीण विकास में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि "सीचेवाल मॉडल" के तहत गांवों को हरा-भरा बनाने और अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए मुफ्त तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वृक्षारोपण अभियानों के लिए सीचेवाल नर्सरी से मुफ्त पौधे उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं और वर्तमान परिस्थितियों में इनमें से कई देश सीधे तौर पर युद्ध से प्रभावित हैं।
संत सीचेवाल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में रहनेवाले भारतीयों की तत्काल और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाये, ताकि उनके परिवारों की चिंता कम हो सके।
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