चंडीगढ़ , अप्रैल 18 -- विश्व लीवर दिवस (19 अप्रैल) से पहले आयी एक अहम रिपोर्ट में प्रतिष्ठित जर्नल'द लैंसेट' ने दुनिया भर में लीवर रोगों के तेजी से बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 'मेटाबोलिक डिस्फंक्शन-एसोसिएटेड स्टेटोहैपेटिक लीवर डिजीज' के मामले 2050 तक बड़े पैमाने पर बढ़ने की आशंका है।

विशेषज्ञों के अनुसार लीवर संबंधी बीमारियां अब 'मूक महामारी' का रूप ले रही हैं, क्योंकि इनके लक्षण अक्सर तब सामने आते हैं, जब बीमारी गंभीर हो चुकी होती है। अनुमान है कि 2023 में 1.3 अरब मरीजों की संख्या 2050 तक बढ़कर 1.8 अरब तक पहुंच सकती है, यानी करीब 42 प्रतिशत की वृद्धि।

भारत में भी यही रुझान देखने को मिल रहा है, खासकर शहरी आबादी और उच्च-जोखिम समूहों में। डॉक्टरों के अनुसार बदलती जीवनशैली, अस्वस्थ खान-पान और शराब का बढ़ता सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। इस बढ़ते खतरे के बीच पंजाब सरकार ने अपनी स्वास्थ्य रणनीति को मजबूत किया है। राज्य में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाये जा रहे हैं और कैशलेस मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मरीजों को सालाना 10लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बायलरी साइंसेज के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य में हेपेटाइटिस-सी, शराब के सेवन और फैटी लीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, तली हुई चीजें और ट्रांस-फैट्स का अधिक सेवन स्थिति को और गंभीर बना रहा है।"डॉक्टरों ने एक और चिंताजनक रुझान की ओर इशारा किया है, कम उम्र के लोगों में भी लीवर रोग तेजी सेबढ़ रहे हैं। इसे बदलती जीवनशैली और बढ़ते शराब सेवन से जोड़ा जा रहा है। राज्य ने रेफरल सिस्टम को मजबूत किया है, जिससे मरीजों की जल्दी पहचान संभव हो रही है। गांवों तक स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ सेवाओंकी पहुंच बढ़ायी गयी है, हालांकि 'फैटी लीवर' की बिना लक्षण वाली प्रकृति के कारण समय पर पहचान अभी भी चुनौती बनी हुई है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने शनिवार को कहा, " मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीजों के जेब खर्च कोकम करती है और इलाज में देरी को रोकने में मददगार साबित हो रही। "विशेषज्ञों का मानना है कि लीवर रोगों के शुरुआती चरण को जीवनशैली में बदलाव से रोका जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और शराब के सेवन में कमी जैसे उपाय प्रभावी साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित जांच करवायें और स्वस्थ आदतों को अपनाकर इस 'मूक महामारी' से बचाव करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित