जालंधर , अप्रैल 19 -- प्रख्यात महामारी विशेषज्ञ डॉ नरेश पुरोहित ने रविवार को कहा कि विश्व में मेटाबॉलिक डिसफंक्शन- एसोसिएटेड स्टियाटोटिक लिवर डिजीज के मामले तेजी से बढ रहे है और ये स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर बड़ी चुनौती बनते जा रहे है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यदि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव नहीं किया गया, तो साल 2050 तक दुनिया का हर चौथा व्यक्ति लिवर की गंभीर बीमारी की चपेट में हो सकता है। राष्ट्रीय एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (एन.आई.डी.एस.पी.) के प्रमुख अन्वेषक डॉ पुरोहित ने विश्व लिवर दिवस के अवसर पर यहां आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में कहा कि शोध अध्ययनो से ज्ञात हुआ है कि मेटाबॉलिक डिसफंक्शन- एसोसिएटेड स्टियाटोटिक लिवर डिजीज के मामलों की संख्या 2050 तक बढ़कर 1.8 अरब तक पहुंच सकती है। इसका मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, बदलती जीवनशैली,मोटापा और हाई ब्लड शुगर है। पहले इसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज भी कहा जाता था।
उन्होंने बताया कि धूम्रपान, अधिक बॉडी वेट और हाई फास्टिंग ब्लड शुगर इसके सबसे बड़े जोखिम कारक है, क्योंकि ये तीनों सीधे तौर पर लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धूम्रपान लिवर की सूजन को बढ़ाती है और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। सिगरेट में मौजूद जहरीले केमिकल्स खून के जरिए लिवर तक पहुंचते हैं और वहां सूजन पैदा करते हैं। लंबे समय तक स्मोकिंग करने से लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं, जिससे फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ पुरोहित ने चेताया कि मोटापा सेहत के लिए बेहद खतरा है, जिससे नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल बिगड़ता है और यह लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसके अलावा, हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर भी बढ़ जाता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और मेटाबॉलिज्म भी बिगड़ जाता है।
डाॅ पुरोहित के अनुसार कुछ आसान लाइफस्टाइल बदलाव अपनाकर इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। नियमित एक्सरसाइज करके लिवर की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। वॉकिंग, साइकिलिंग और योग लिवर को स्क्स्थ रखने में मदद करता है। संतुलित आहार सेहत को दुरुस्त रखने में जिम्मेदार है। कम चीनी, कम तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड का सेवन लिवर हेतु उपयोगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि फल, सब्जियां और साबुत अनाज अधिक खाने से लिवर ठीक रहेगा। स्वस्थ लिवर के लिए शरीर का वजन 5-10 प्रतिशत तक कम करने की कोशिश करें और रक्त शर्करा नियंत्रित रखें। रखें।
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