बेंगलुरू/नयी दिल्ली , नवंबर 13 -- केंद्रीय आयुष मंत्रालय का मधुमेह के लिये मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) बेंगलुरू 14 नवंबर को 'विश्व मधुमेह दिवस' पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। विश्व मधुमेह दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में इस उत्कृष्टता वाले केंद्र में अनुसंधान और नैदानिक सेवाओं के लिये किये जा रहे कार्य और पहलों की जानकारी दी जायेगी।
इस कार्यक्रम में संस्थान की तरफ से विकसित मशीन लर्निंग आधारित मधुमेह जोखिम पूर्वानुमान आकलन प्रणाली का प्रदर्शन किया जायेगा। संस्थान इस प्रणाली का वेब एप्लिकेशन के माध्यम से सत्यापन कर रहा हे और इसका कॉपीराइट भी कराया है। संस्थान से प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य का प्रभावी तरीके से निगरानी में सक्षम बनाने वाली इस प्रणाली का मोबाइल ऐप भी विकसित किया जायेगा।
सीएआरआई बेंगलुरु की प्रभारी डॉ. सुलोचना भट्ट ने गुरुवार को इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुये कहा, "हमारा ध्यान पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़कर मधुमेह का समग्र और प्रमाण-आधारित समाधान खोजने पर रहा है। केंद्र की पहल दर्शाती है कि कैसे एकीकृत स्वास्थ्य सेवा रोकथाम में सहायक हो सकती है और जोखिम वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकती है।"डॉ. भट्ट ने बताया कि सीएसआईआर-सीएफटीआरआई, मैसूर और आईआईएससी, बेंगलुरु के साथ चुनिंदा खाद्य उत्पादों और आयुर्वेदिक नुस्खों पर सहयोगात्मक अध्ययन जारी है। उन्होंने कहा कि मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन के लिए एकीकृत रूपरेखा विकसित की जा चुकी है इसे जल्द प्रकाशित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रकृति और मधुमेह सम्बंधी तंत्रिका विकृति पर अध्ययन और इसके प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है।
डॉ. भट्ट ने बताया कि आयुष मंत्रालय, मधुमेह जैसे जीवनशैली से सम्बंधित विकारों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ, समावेशी और साक्ष्य-आधारित रणनीति विकसित करने के उद्देश्य से अनुसंधान और नैदानिक पहलों को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में रमैया इंडिक स्पेशियलिटी आयुर्वेद रेस्टोरेशन हॉस्पिटल के पूर्व निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) जीजी गंगाधरन "मधुमेह के समग्र प्रबंधन" और अन्य विषयों पर व्याख्यान देंगे।
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