दीमापुर , मार्च 24 -- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नागालैंड और कोहिमा जिला क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कोहिमा जिले के 22 टीबी-मुक्त गांवों को वर्ष 2025 के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया।

इन गांवों को कोहिमा जिला कलेक्टर के सम्मेलन कक्ष में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। इस वर्ष के आयोजन का विषय था- 'हां! हम टीबी को खत्म कर सकते हैं, भारत के नेतृत्व में, जनभागीदारी की शक्ति से'। इन टीबी-मुक्त गांवों को 'टीबी मुक्त पंचायत पहल' के तहत सम्मानित किया गया, जिसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन में ग्राम परिषदों के प्रयासों को पहचानना और उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना है। इसमें सेइया फेसा गांव को स्वर्ण पदक मिला।

जिला टीम के सत्यापन के बाद हर साल विश्व क्षय रोग दिवस पर एक वर्ष की वैधता वाले प्रमाणपत्र प्रदान किये जाते हैं। इस अवसर पर विजेताओं को प्रमाणपत्र और महात्मा गांधी की मूर्तियां भी भेंट की गयीं। इसमें पहले वर्ष की उपलब्धि के लिए कांस्य, लगातार दो वर्षों के लिए रजत और तीन वर्षों तक निरंतर तपेदिक-मुक्त स्थिति बनाये रखने के लिए स्वर्ण पदक दिया गया।

कोहिमा के जिलाधिकारी और कोहिमा जिला टीबी फोरम के अध्यक्ष बी हेनोक बुकेम ने अपने संबोधन में जिले के सभी गांवों में यक्ष्मा-मुक्त स्थिति प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता का आह्वान किया।

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