कोटा , अक्टूबर 30 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि विश्व में भारत के युवाओं की पहचान उनकी बौद्धिक क्षमता के कारण है।

श्री बागडे गुरुवार को कोटा विश्वविद्यालय में कुलगुरु एवं विभिन्न विभागों के अध्यक्षों एवं शिक्षकों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे यहां मौजूद प्रतिभा की पूरी दुनिया में मांग है। अमरीका की सिलिकॉन वैली में करीब 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय युवा हैं। पूरा विश्व भारतीयों की काबिलीयत की प्रशंसा करता है।

श्री बागडे ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा हमारे लिए एक परिसम्पत्ति हैं, इसे देखते हुए विश्वविद्यालयों में दी जा रही शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों में बौद्धिक क्षमता का विकास करके देश के लिए उच्च कौशल वाला मानव संसाधन तैयार करना होना चाहिए। उनकी नींव इतनी मजबूत हो कि वे कोई भी कठिन परीक्षा अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर पास कर सकें।

उन्होंने कहा कि कोटा विश्वविद्यालय में छात्र एवं छात्राओं के लिए अच्छी व्यायामशाला भी बनाएं ताकि विद्यार्थी बौद्धिक के साथ शारीरिक रूप से भी सुदृढ़ हों। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध खेल एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यहां उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैक, इनडोर कोर्ट एवं खेल मैदान को देखते हुए कोटा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर के दो खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी मिली है।

श्री बागडे ने कहा कि कोटा शिक्षा की नगरी के नाम से प्रसिद्ध है, यहां ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। अधिक से अधिक बच्चों को छात्रावास में प्रवेश मिले इसके लिए छात्रावास सुविधा में वृद्धि करें और आवश्यकता होने पर नए छात्रावास भवन भी बनवाएं।

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