कोटकापुरा , मार्च 22 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें विधानसभा के विशेष सत्रों के नाम पर "नाटक" बंद करने की नसीहत दी।

उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती अकाली सरकार ने 2016 में ही बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पारित कर दिया था। वरिष्ठ नेता मंतर सिंह बराड़ के साथ एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए श्री बादल ने कहा कि 2016 में पारित कानून में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों के लिए उम्रकैद की सजा तय की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री को इस पर राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार से इस कानून को जल्द अनुमोदित करवाने के लिए पैरवी करनी चाहिए।

श्री बादल ने आरोप लगाया कि बेअदबी की घटनाएं 2015 से शुरू हुई थीं और आप विधायक नरेश यादव का नाम इसमें आया था। उन्होंने सवाल किया कि 'आप' ने यादव का बचाव क्यों किया और अपने वरिष्ठ नेताओं को उनका केस लड़ने के लिए क्यों उतारा। श्री बादल ने प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की पार्टियों को पंजाब की परवाह नहीं है। उन्होंने कहा, "शिअद आपके परिवार का हिस्सा है और हम 'सेवा' के लिए खड़े हैं, जबकि दिल्ली की पार्टियां केवल शासन और लूट में विश्वास रखती हैं।"कोटकापुरा में हुए विकास कार्यों (रेलवे ओवरब्रिज, सीवरेज नेटवर्क) का जिक्र करते हुए उन्होंने 2027 के लिए बड़े चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन की सुविधा और दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली,युवाओं के लिए 10 लाख का ब्याज मुक्त ऋण और हर जिले में स्किल यूनिवर्सिटी, वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3,100 रुपये और शगुन योजना को एक लाख किया जायेगा।

रैली में व्यापार विंग के जिला अध्यक्ष रविंदर गर्ग ने 'आढ़तियों' की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि केंद्र द्वारा कमीशन कम किए जाने से आढ़ती परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि हरियाणा की तर्ज पर पंजाब सरकार भी अतिरिक्त मुआवजा दे और 50 करोड़ रुपये के रुके हुए ईपीएफ लाभ जारी करे।

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