जयपुर , दिसंबर 09 -- राजस्थान में विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू) जयपुर में जन्मदिन के अवसर को शिक्षा और नवाचार को नयर दिशा देने वाले संकल्प के रूप में मनाते हुए 50 लाख रुपये के 'वीजीयू विज़न फंड' की शुरुआत की गयी हैं।

विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंजीनियर ओंकार बगड़िया ने अपने जन्मदिन पर विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों और शिक्षकों के विचारों को कार्यरूप देने के उद्देश्य से 50 लाख रुपये के इस 'वीजीयू विज़न फंड' की शुरुआत की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह पहल विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने विभागों में नवाचार, अनुसंधान, शैक्षणिक गतिविधियों और रचनात्मक परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक कारगर कदम है।

उन्होंने बताया कि इस फंड के तहत प्रत्येक विभाग में विद्यार्थियों और शिक्षकों को जिम्मेदार भूमिका देकर निर्णय लेने की क्षमता को विभाग स्तर तक सशक्त बनाया जाएगा। योजना के अनुसार हर विभाग में एक विद्यार्थी प्रतिनिधि और एक शिक्षक प्रतिनिधि को वार्षिक सीमा के भीतर सहायता राशि के उपयोग का अधिकार दिया जाएगा ताकि विभागीय स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक कार्यक्रम, कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं, प्रयोगात्मक गतिविधियां और अन्य नवाचार संबंधी प्रयास समय पर किए जा सकें।

इस व्यवस्था से प्रक्रियाएं सरल होंगी और अच्छे विचारों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। फंड की रूपरेखा के तहत विद्यार्थी प्रतिनिधि को वार्षिक 50 हजार रुपये तक और शिक्षक प्रतिनिधि को वार्षिक एक लाख रुपये तक की सीमा में गतिविधियों के लिए सहायता का प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय नेतृत्व द्वारा चयनित वरिष्ठ नवाचारकर्ताओं को विशेष सहयोग भी दिया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय में बड़े स्तर की शैक्षणिक पहल, नवाचार आधारित आयोजन और प्रभावी विभागीय परियोजनाएं संचालित हो सकें।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह मॉडल विद्यार्थियों और शिक्षकों को केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रखेगा बल्कि उन्हें विश्वविद्यालय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को शिक्षा में सहभागिता और उत्तरदायित्व की नयी संस्कृति के रूप में बताया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को केवल सीखने तक सीमित न रखकर उन्हें रचनात्मक नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने और शिक्षकों को शोध एवं नवाचार के लिए अधिक समर्थ बनाने पर जोर दिया गया है।

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