हमीरपुर , नवम्बर 15 -- उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र में गुरुवार को नग्न अवस्था में सड़क किनारे झाड़ियों में मिले महिला के शव की शिनाख्त पुलिस ने सीआरपीएफ जवान की पत्नी के रूप में की है।

महिला का पति से घरेलू हिंसा का मुकदमा चल रहा था। जिसकी विवेचना महोबा के एक थाने में तैनात दारोगा के द्वारा की जा रही थी, जिससे महिला का प्रेम प्रसंग हो गया। जिसके बाद महिला की दारोगा से अनबन शुरू हो गई। जिस पर दारोगा ने उसके पति के साथ मिलकर तारीख में गयी महिला का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और शव मौदहा क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों के पास फेंक दिया। पुलिस ने आरोपित दारोगा व पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक गुरुवार की सुबह नग्न अवस्था में मौदहा कोतवाली के बसवारी रोड स्थित रमना किशनपुर गांव के निकट झाड़ियों में महिला का शव पड़ा मिला था। जिसके चेहरे को आवारा कुत्तों ने नोंच डाला था। जहां शव पड़ा था उसी से कुछ दूरी में सड़क पर खून के निशान भी पुलिस को मिले थे।

पुलिस अधीक्षक डा.दीक्षा शर्मा ने स्वयं घटना स्थल का जायजा लिया था और महिला की शिनाख्त और घटना के राजफाश के लिए पुलिस की चार टीमें लगाईं थीं। शनिवार को महिला की शिनाख्त एक सीआरपीएफ जवान की पत्नी के रूप में हुई। महिला मूल रूप से महोबा जनपद के एक गांव की निवासी थी। जिसकी वर्ष 2023 में हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना अंतर्गत नदेहरा गांव में शादी हुई थी। पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतका के पिता व भाई ने बताया कि शादी के एक वर्ष बाद दहेज में दो लाख रुपये और ब्रेजा कार न देने का आरोप लगाते हुए पति व ससुरालियों के द्वारा उसकी बेटी को मारापीटा गया और जहरीला पदार्थ पिलाया गया था। जिसके बाद महिला ने वर्ष 2024 में पति समेत ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।

वर्ष 2025 में महिला ने अपने देवर संजय के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर दुष्कर्म का मुकदमा लिखाया था। उक्त दोनों मुकदमें महोबा न्यायालय में चल रहे थे। महोबा जनपद के कबरई थाने में तैनात एक दारोगा के पास महिला के घरेलू हिंसा के मुकदमे की विवेचना थी। जिस पर दारोगा उसे अधिकांश बयान के लिए बुलाता रहता था। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हो गया। प्रेम प्रसंग के बाद महिला और दारोगा के बीच भी अनबन हो गई। जिस पर दारोगा ने उसके पति के साथ हत्या करने का प्लान बनाया।

मृतका के भाई ने बताया कि बीते 11 नवंबर को उसकी बहन महोबा स्थित न्यायालय में चल रहे घरेलू हिंसा के मुकदमे की तारीख में गई थी। तभी दारोगा व उसके पति ने चार पहिया वाहन में उसकी बहन का अपहरण किया और उसकी हत्या कर शव फेंक दिया। जिसकी शनिवार को स्वजन ने शिनाख्त की।

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