गोरखपुर , नवंबर 4 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा से किसी भी दुकानदार का हित कतई प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन दुकानदारों की पूरी दुकान इस गलियारा के दायरे में आ गई है या फिर जिनकी दुकानों का आकार बहुत अधिक छोटा हो गया है, उन्हें एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर उसमें दुकानें दी जाएंगी।
इस नई व्यवस्था के लिए योगी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के लिए निर्देशित किया है। टीपी नगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर का जायजा लेने के बाद योगी विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखने-परखने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा का निर्माण कार्य तेज करने और गुणवत्ता पर खास जोर देने के निर्देश कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। चेतावनी भी दी कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।
विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के लिए योगी पांडेयहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर और जटाशंकर चौराहा पर रुके। वह सबसे पांडेयहाता चौराहा पहुंचे। शिवम टॉवर के पास ड्राइंग मैप देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गलियारा के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। यदि किसी नागरिक की दुकान शत प्रतिशत प्रभावित हो गई हो या अत्यंत छोटी हो गई हो तो उनके कारोबारी समायोजन के लिए जीडीए या नगर निगम की तरफ से एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाए। यहां उन्होंने टूट रही दुकानों का मलबा निस्तारित करने, सड़क का स्लोप बेहतर करने और तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए।
पांडेयहाता चौराहा के बाद सीएम योगी ने घंटाघर में विरासत गलियारा के साथ ही घंटाघर के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की भी जानकारी ली। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विरासत गलियारा के तहत सड़क का निर्माण बीच-बीच मे न करके एक तरफ से किया जाए ताकि दुकानदारों को अपने दुकान को पुनर्व्यवस्थित करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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