नयी दिल्ली , नवम्बर 03 -- भारत और बहरीन ने द्विपक्षीय निवेश संधि और संयुक्त कार्य समूह की स्थापना के साथ-साथ अंतरिक्ष, फिनटेक और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए दोहरे कराधान से बचाव समझौते तथा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की दिशा में आगे बढने पर सहमति व्यक्त की है।

दोनों देशों ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के दंश से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए गाजा शांति योजना को भी पूरी तरह लागू करने पर बल दिया है।

विदेश मंत्री डा.एस जयशंकर ने भारत यात्रा पर आये बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लातिफ़ बिन राशिद अलज़यानी के साथ सोमवार को यहां पांचवीं भारत-बहरीन उच्च संयुक्त आयोग की बैठक की सह अध्यक्षता की।

बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों मंत्रियों ने रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक, व्यापार, निवेश, सीमा शुल्क, स्वास्थ्य, फिनटेक, अंतरिक्ष, संस्कृति और लोगों के बीच परस्पर संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए नई पहलों पर चर्चा की।

दोनों पक्षों ने व्यापार, आर्थिक और वाणिज्य के मोर्चे पर हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, आधार धातुओं और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढाने और इसका दायरा बढाने की संभावना पर बल दिया। दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश को बढाने के लिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में विस्तार के लिए निवेश प्राधिकरणों तथा निजी क्षेत्र के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।

उन्होंने व्यापार और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह की स्थापना की दिशा में प्रगति और दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत शुरू करने पर भी ध्यान दिया। इस पहल से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि के लिए वार्ता में प्रगति का स्वागत किया। दोनों देश देश दोहरे कराधान से बचाव समझौते पर बातचीत शुरू करने के लिए साझा समझ विकसित करने पर सहमत हुए। इससे दोहरे कराधान को समाप्त करने, कर निश्चितता प्रदान करने और व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

बहरीन ने विनिर्माण, रसद, आईसीटी, पर्यटन, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में बहरीन में भारतीय निवेश का समर्थन किया और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश सहयोग बढ़ाने में बहरीन के संप्रभु धन कोष, मुमतलाकत की भूमिका का स्वागत किया। उन्होंने भविष्य के मुमतलाकत निवेशों के लिए एक गंतव्य के रूप में भारत की प्रबल क्षमता को मान्यता दी, विशेष रूप से फिनटेक, बुनियादी ढाँचे और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में, जो मुमतलाकत की दीर्घकालिक रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा देखभाल, चिकित्सा तथा नैदानिक अनुसंधान, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों सहित स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के रहे प्रयासों की सराहना की।

दोनों देश अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए बहरीन अंतरिक्ष एजेंसी और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन के मसौदे को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बल दिया।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने सभी तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की और सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों तथा उनके परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने खुफिया जानकारी साझा करने सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाकर आतंकवाद के खतरे से निपटने की भी प्रतिबद्धता जताई।

दोनों पक्ष कला, संगीत, साहित्य और सांस्कृतिक उत्सवों के क्षेत्र में आदान-प्रदान के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा करने पर सहमत हुए। दोनों अगले वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी भी करेंगे।

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