पटना , दिसंबर 02 -- बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में उद्योग धंधों के विकास के लिए उचित माहौल तभी कायम होगा, जब विभागीय समन्वय को बढ़ाया जाये और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित किया जाये।
श्री जायसवाल की अध्यक्षता में आज उद्योग निदेशालय, स्टार्टअप, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) तथा औद्योगिक प्रोत्साहन से संबंधित सभी प्रमुख योजनाओं और नीतियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, निदेशालय से संबंधित सहायक निदेशक तथा संबंधित प्रकोष्ठों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने बैठक में सबसे पहले राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी ) और उसकी कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान उद्योग मंत्री ने राज्य में बने समझौता ज्ञापन (एमओयू) का संपूर्ण विवरण तैयार करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि बिहार की 2016 की औद्योगिक नीति और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 प्रभावी रूप से जारी हैं। इसके अतिरिक्त राज्य की टेक्सटाइल एवं लेदर नीति, एथनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति तथा लॉजिस्टिक नीति की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निवेशक के आवेदन में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है, और इसके लिये प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पोर्टल को अपडेट और सुदृढ़ किया जाए, जिससे सभी विभाग समयबद्ध तरीके से जवाब दें और निवेशक को वास्तविक "वन-स्टॉप क्लियरेंस" का अनुभव मिले।
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