नयी दिल्ली , नवम्बर 08 -- राज्यसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर पान मसाला पर उपकर लगाने के प्रावधान वाले विधेयक 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025' को हड़बड़ी में पारित कराने का आरोप लगाते हुए इसे संघीय व्यवस्था पर प्रहार बताया तथा विधेयक को विस्तृत अध्ययन के लिए प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को पारित इस विधेयक को सोमवार को राज्यसभा में पेश किया।
कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने विधेयक पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है और उसे इसके लिए पैसे की व्यवस्था करने पर भी एतराज नहीं है लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार इस विधेयक को बिना तैयारी के हड़बड़ी में लेकर आई है। उन्होंने कहा कि विधेयक का मसौदा स्पष्ट नहीं है और न ही सरकार की मंशा स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि यह उपकर उत्पादन क्षमता पर लगाया जायेगा ।
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि इससे इस क्षेत्र में इंस्पेक्टर राज को बढावा मिलेगा और विधेयक का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कर प्रणाली में चोरी का सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह चोरी न हो तो उपकर लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कर में राज्यों का भी हिस्सा होता है लेकिन उपकर में से राज्यों को हिस्सा नहीं मिलता। विधेयक के प्रावधानों के विस्तार से अध्ययन किये जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसे प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए ।
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