नयी दिल्ली , दिसंबर 15 -- विपक्ष ने देश की खराब होती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( आईएमएफ) ने हमारी अर्थव्यवस्था को सी श्रेणी में रख दिया है जो अच्छी स्थिति नहीं है।
समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य ने लोकसभा में सोमवार को वर्ष 2025-2026 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगे-प्रथम बैच पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि इस अनुपूरक मांग में 23423 करोड़ रूपये सब्सिडी पर लगाने की बात की गयी है। आज जहां हमारा किसान एसएसपी की मांग को लेकर दर दर भटक रहा है। सरकार किसान सब्सिडी के नाम पर विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है। आयातित यूरिया पर इतना खर्च क्यों। किसान को कुछ नहीं मिला और वह आत्महत्या करने पर मजबूर है।
उन्होंने कहा कि सब्सिडी को पारदर्शी बनाया जाये, आयात पर निर्भरता कम की जाये और किसान कल्याण को प्राथमिकता दी जाये तभी अनुपूरक मांग का कोई महत्व होगा। शिक्षा के लिए अतिरिक्त की अनुदान मांग की गयी है लेकिन ग्रामीण अंचल के स्कूल बंद किये जा रहे हैं। शिक्षा का अधिकार का कानून अधर में लटका हुआ है। पूरक मांगों में एलीट संस्थान को प्राथमिकता दिया जा रहा है। हमारी मांग है बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जाय। शिक्षा के बजट को काटा न जाये और उसकी गुणवत्ता को भी ध्यान रखा जाये।
कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि जो यह मांग है 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त की मांग है लेकिन अनुपूरक मांग 1.23 लाख करोड़ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अच्छा काम करने का प्रयास है और 4.4 प्रतिशत ही बजटीय घाटे का लक्ष्य है। लेकिन इसमें कुछ कमिया हैं। यूरिया संकट है। किसान इसी मांग कर रहे है और यूरिया की कालाबाजारी हो रही है लेकिन सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा एलपीजी के दामों में बढोत्तरी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मृत अवस्था में है सरकार को इस बारे में बताना चाहिए कि वह क्या सोचती है। सरकार कह रही है कि जीडीपी बढ रही है लेकिन आईएमएफ इसे सी श्रेणी में रखा है। इस पर भी जवाब देना चाहिए। रुपया डालर के मुकाबले गिर रहा है। इससे लगता है कि हम अच्छी स्थिति में नहीं है। हमें इस पर चिंता करनी चाहिए।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम के टी आर बालू ने कहा कि उन्होंने कहा कि 1.23 लाख करोड़ अतिरिक्त व्यय कैसे हुआ है इससे वह हैरान हैं। अनुपूरक मांगों के बारे में पहले क्यों नहीं बताया इस बारे में सरकार को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने हमें सी श्रेणी में क्यों रखा गया है। यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी स्थिति नहीं है। हमारी आर्थिक गतिविधि पर अंतरराष्ट्रीय संगठन शक कर रहे है, यह सही नहीं है। उन्होंने तमिलनाडु के हिस्से की बकाया राशि जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है।
तेलुगु देशम पार्टी के केसिनेनी शिवनाथ ने कहा कि इस अनुदान मांगों में 1.23 लाख करोड़ अतिरिक्त मांग की गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यूरिया सब्सिडी के लिए अनुदान राशि मांग की गयी है। इससे समय पर किसानों को यूरिया मिलेगी जिससे लाभ किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन अनुदान मांगों से विकसित भारत बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ऐसे काम करती है जिससे विकास में रूकावट न हो। सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता है कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य में जो सराहनीय कदम है।
कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास कम हो रहा है जो सुशासन के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को अनुपूरक अनुदान की मांगों पर चर्चा में सदन में मौजूद रहना चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब रुपये की गिरावट पर टिप्पणी की थी लेकिन अब रुपया डालर के मुकाबले नब्बे रूपये हो गया। इससे किसकी साख खराब हो रही है। सरकार ने जो जीडीपी के आंकड़े दिये हैं उस पर आईएमएफ ने गंभीर सवाल खड़े किये गये हैं। उन्होंने कहा भारतमाला परियोजना को पांच साल में पूरा होना था लेकिन आठ साल हो गये लेकिन पचास प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है।
जनता दल यूनाइटेड के आलोक कुमार सुमन ने कहा कि बढते खर्च की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह अनुदान की मांगें आयी है। इन मागों का बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में खर्च किया जाएगा। यह कुशल नेतृत्व का परिणाम है भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 के दूसरे तिमाही में 8.2 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ हुआ है जो बहुत अच्छा है। यह सरकार के नीतियों के कारण संभव हुआ है। भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढने वाली अर्थव्यवस्था है और जल्द दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं। सरकार के सुधार के कारण देश तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बजरंग मनोहर सोवाने ने कहा कि सरकार को किसानों के लिए अधिक से अधिक धनराशि का प्रावधान किया जाना चाहिए लेकिन इसमें इस अनुदान मांग में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि एमपी लैड में तीस से पैंतीस करोड़ धनराशि का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र का अच्छे से विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके बीड जिले में सड़क के लिए अधिक से अधिक राशि दी जाय। उन्होंने कहा कि उनके जिले में एक भी मेडिकल कालेज नहीं है सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास निधि के लिए धनराशि बढाकर पांच लाख रुपये किये जाने चाहिए।
शिवसेना के रवीन्द्र दत्ताराम वायकर ने कहा कि सरकार ने कुल मांग का बड़ा हिस्सा सब्सिडी पर किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढने का बोझ किसानों के उपर न आये। सरकार एलपीजी के दामों में भी बढोत्तरी नहीं करने के लिए अनुदान में सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उन्होंने मुंबई में अधिक फ्लाईओवर के लिए धनराशि देने का आग्रह किया ताकि यातायात सुचारू हो सके। सागरमाला परियोजना के तहत वर्सावा जेटी में आधुनीकरण के लिए धनराशि दी जाये। मुंबई में जल निकास के लिए बेहतर उपाय किये जाये ताकि जल जमाव से राहत मिल सके।
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