पटना , दिसंबर 04 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण पर जो बातें कही गईं, वे सही हैं और सरकार इन वादों को पूरा करने के लिये पूरी कोशिश करेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधान परिषद में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कहा कि जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को भारी बहुमत देकर विकास की दिशा को और मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब न तो डर का माहौल है और न ही सांप्रदायिक तनाव, क्योंकि 2006 से कब्रिस्तानों और 2016 से पुराने हिंदू मंदिरों की घेराबंदी के चलते पुराने विवाद और चोरी की घटनायें लगभग समाप्त हो गई हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले गये हैं, शिक्षकों की बहाली तेज़ी से हुई है और विद्यार्थियों के लिये पोशाक योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से अब तक दो लाख, 58 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। सरकार ने यह भी तय किया है कि नियोजित शिक्षकों को बिहार लोक सेवा आयोग की नियमित परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें एक सरल परीक्षा के आधार पर सरकारी शिक्षक बनाने की व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया की तीन परीक्षायें पूरी हो चुकी हैं, जिनमें 62 हजार शिक्षक सफल हुये हैं, जबकि 77 हजार शिक्षकों की प्रक्रिया शेष है।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि इन नियुक्तियों के बाद राज्य में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या बढ़कर पांच लाख, 20 हजार हो गई है।
विधान पार्षद रीना यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और कहा कि बिहार की जनता ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है और सरकार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है।
वाद- विवाद के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलने लगे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने विरोध जताते हुये पहले विपक्ष को बोलने का अवसर देने की मांग की। मांग न माने जाने पर राबड़ी देवी समेत विपक्ष के सभी सदस्य सदन से वाकआउट कर गये।
इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुये मुख्यमंत्री श्री कुमार ने बताया कि राज्य में नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों, पुल-पुलियों, बाइपास और एलिवेटेड रोड के व्यापक निर्माण से राज्य के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों से पटना पहुंचने का समय घटकर लगभग पांच घंटे रह गया है। आने वाले समय में पाँच नए एक्सप्रेस- वे के निर्माण से इस कनेक्टिविटी को और बेहतर किया जायेगा।
कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से लागू कृषि रोडमैप के कारण अनाज, फल, सब्जी, अंडा, मांस और मछली के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि मछली उत्पादन में बिहार अब आत्मनिर्भर हो चुका है और किसानों की आय में लगातार वृद्धि हुई है। वर्तमान में चौथे कृषि रोडमैप के तहत विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
उन्होंने कहा कि हर घर बिजली, हर घर नल का जल और हर घर शौचालय जैसी प्रमुख योजनायें सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। वर्ष 2018 तक सभी घरों में बिजली उपलब्ध करा दी गई थी और घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में सोलर ऊर्जा के विस्तार पर भी काम किया जायेगा।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुये मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत पंचायतों से हुई थी, जबकि पुलिस और सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू है, जिससे बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से अगले पांच वर्षों में बिहार को तीव्र गति से विकसित किया जायेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का समग्र विकास ही उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य रहा है और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निरंतर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में गांवों के साथ- साथ शहरों का भी तेज़ी से विस्तार और उन्नयन किया जायेगा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के पांच संशोधनों को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया गया और सत्तारुढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की विधान पार्षद रीना यादव के धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विधान परिषद की कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे दिन तक के लिये स्थगित कर दी।
इससे पहले बिहार विधान परिषद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रभारी मंत्रियों ने विभिन्न नियमावलियों की प्रति सदन पटल पर रखा। इसमें बिहार विधान मंडल (सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन), बिहार राज्य निर्वाचन आयुक्त, बिहार अग्निशमन सेवा और बिहार अमीन संवर्ग नियमावली- 2025 शामिल है।
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