फगवाड़ा , जनवरी 04 -- कांग्रेस विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी ने रविवार को मंदीप कुमार के पार्थिव शरीर को रूस से दुखद परिस्थितियों में भारत लाये जाने के बाद उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
मंदीप रोजगार की तलाश में विदेश गया था लेकिन कथित तौर पर ट्रैवल एजेंटों द्वारा धोखा दिया गया और बाद में उसे रूसी सेना में भर्ती होने के लिए मजबूर किया गया ।
बैठक के दौरान, मंदीप के पिता अवतार चंद और भाई जगदीप ने परिवार की पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पहले शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, इसमें शामिल एजेंटों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने जवाबदेही के अभाव पर गहरा दुख व्यक्त किया और न्याय मिलने के बाद ही मंदीप का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
श्री चौधरी ने बताया कि उन्होंने मई 2024 में ही विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब परिवार के साथ गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से संपर्क करेंगे ताकि निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, एफआईआर का तत्काल पंजीकरण, कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रशासनिक चूक के लिए जवाबदेही तय की जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला भारतीय युवाओं के फर्जी विदेशी रोजगार रैकेटों के माध्यम से व्यवस्थित रूप से शोषण किए जाने के एक बड़े और चिंताजनक मुद्दे को उजागर करता है, जो मानव तस्करी के समान है।
श्री चौधरी ने तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कमजोर नागरिकों की रक्षा करने और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए राज्य के दायित्व को रेखांकित करती हैं। विधायक ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करना और भारतीय नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना अधिकारियों का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है।
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