बारां , दिसम्बर 22 -- राजस्थान में बारां जिले में गत 20 दिसम्बर को आंकेडी गांव में तोलाराम मीणा के घर पर तोडफोड एवं आगजनी करके कार को जला दिए जाने की घटना से नाराज कांग्रेसजनों ने नरेश मीणा और उसके साथियों को गिरफ्तार नहीं किये जाने के विरोध में सोमवार को अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना दिया।

इसके उपरान्त प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की।

धरने को सम्बोधित करते हुए अन्ता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि आंकेडी में कांग्रेस के तोलाराम मीणा एवं उनके परिवारजनों के साथ जो घटना घटित हुई है वह निन्दनीय है। पिछले कुछ समय से बारां की राजनीति में जो हालात उत्पन्न हुए हैं, वह लोकतंत्र और किसी भी पार्टी के लिए अच्छे संकेत नहीं है। शांतिपूर्ण माहौल को खराब करके दूषित वातावरण पैदा किया जा रहा है, वह चिन्तनीय है।

उन्होंने कहा कि ग्राम आंकेडी में तोलाराम मीणा के घर में घुसकर तोड़फोड़ की गयी, गाड़ी में आग लगायी गयी। फिर निर्दलीय प्रत्याशी रहे शख्स द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना लगाया, नारेबाजी की गई, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई न करके पुलिस ने तोलाराम मीणा एवं उनके परिजनों को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे पक्ष, जिसने यह घटना की है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

श्री भाया ने कहा कि तोलाराम मीणा एवं उनके परिजनों की जमानत मंजूर हो जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें रिहा नहीं किया गया और आरोपियों की सात दिन में गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो कांग्रेस पार्टी द्वारा बडे आंदोलन की रूपरेखा बनायी जायेगी। धरने को पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि 20 दिसम्बर को ग्राम आंकेडी में जो घटना घटित हुई वह निंदनीय है। एक पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि दूसरे पक्ष के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया। कानून का सम्मान आमजन से धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहा है।

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