हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) , फरवरी 09 -- हिमाचल प्रदेश में बड़सर के भारतीय जनता पार्टी( भाजपा) विधायक इंदर दत्त लखनपाल ने राज्य सरकार द्वारा विधायक निधि रोके जाने के फैसले पर तीखा प्रहार करते हुए इसे जनता के साथ खुला विश्वासघात करार दिया।
श्री लखनपाल ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय किसी आर्थिक मजबूरी का परिणाम नहीं है, बल्कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार की तानाशाही, अलोकतांत्रिक और पूर्णतः जनविरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि कोई राजनीतिक अनुदान नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए छोटे लेकिन अत्यंत आवश्यक विकास कार्यों की जीवनरेखा है। इन निधियों से गांवों में सड़कों का निर्माण, पेयजल योजनाएं, स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं, स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, खेल और सामाजिक विकास से जुड़े कार्य पूरे होते हैं। इन निधियों को रोकना ग्रामीणों, गरीबों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
श्री लखनपाल ने कहा, "यदि राज्य आज आर्थिक संकट का सामना कर रहा है तो इसके लिए मुख्यमंत्री स्वयं जिम्मेदार हैं, न कि प्रदेश की जनता। गलत नीतियां, अव्यावहारिक फैसले, दूरदर्शिता का अभाव और सत्ता-केंद्रित राजनीति ने प्रदेश को वित्तीय संकट में धकेला है। मुख्यमंत्री को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रशासनिक विफलताओं का बोझ जनता और विकास कार्यों पर डाल दिया है।"उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर विधायक निधि रोक रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अपने समर्थकों को सलाहकार, अध्यक्ष और विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्त कर राज्य को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "यदि सरकार वास्तव में प्रदेश के हित को लेकर चिंतित होती, तो सबसे पहले अनावश्यक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची पर रोक लगाती।"उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत विधायक विकास निधि बहाल नहीं की, तो भाजपा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, "सरकार की विफलताओं को सड़कों से लेकर विधानसभा तक उजागर किया जाएगा और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।"श्री लखनपाल ने कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र की जनता के सम्मान, विकास और अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में लिया गया हर निर्णय अंततः जनमत की अदालत में परखा जाता है।
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