श्रीगंगानगर , नवम्बर 17 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जयदीप बिहानी और जिला कलेक्टर डॉ. मंजू के बीच हाल ही में हुए तीखे विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

इस विवाद के बाद सोमवार को विधायक बिहानी ने अपने शिक्षण संस्थान एस डी कॉलेज के ऑडिटोरियम में सैकड़ों समर्थकों को इकट्ठा करके एक तरह से शक्ति प्रदर्शन किया। कयास लगाये जा रहे थे कि वह कोई बड़ा कदम उठाने की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बजाय उन्होंने मामले को पार्टी नेतृत्व पर छोड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुुसार यह पूरा विवाद शनिवार को महाराजा गंगा सिंह चौक में आयोजित यूनिटी मार्च से शुरू हुआ। कार्यक्रम युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में रखा गया था। श्री बिहानी का आरोप है कि वह समय पर पूर्वाह्न सवा 10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गये थे, लेकिन जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और अन्य अधिकारी वहां नहीं थे। उन्होंने जब एडीएम सुभाष कुमार से प्रोटोकॉल का जिक्र किया, तो एडीएम ने कथित तौर पर कहा कि वह यहां तंग आ चुके हैं और यहां रहना ही नहीं चाहते। इस पर दोनों में तकरार हो गयी, तभी वहां पहुंची जिला कलेक्टर डॉ. मंजू के साथ भी विधायक की तीखी बहस हुई।

इस विवाद के तुरंत बाद श्री बिहानी ने घोषणा की थी कि वह 17 नवंबर को दोपहर 12 बजे अपने समर्थकों के बीच अपनी बात रखेंगे। आज एस डी कॉलेज के ऑडिटोरियम में सैकड़ों समर्थक जुटे, जहां श्री बिहानी ने उन्हें करीब आधे घंटे तक संबोधित किया। उन्होंने इस मामले को तुरंत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनसिंह राठौड़ के संज्ञान में ला दिया था। दोनों से उनकी बातचीत भी हुई है।

श्री बिहानी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने उन्हें मामला आगे न बढ़ाने की सलाह दी और आश्वासन दिया कि अब यह मुद्दा उनके और मुख्यमंत्री के बीच है। श्री बिहानी ने कहा कि अब श्री राठौड़ इस मामले को अपने स्तर पर देखेंगे और उन्हें यकीन है कि ठोस कार्रवाई होगी।

श्री बिहानी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता अब पहले से ज्यादा जागरूक है और अधिकारियों को अपनी कुर्सी का अहंकार त्यागना चाहिए।

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