श्रीनगर , अक्टूबर 22 -- जम्मू-कश्मीर विधानसभा के गुरूवार से शुरू हाेने वाले सत्र से पहले श्रीनगर में सुरक्षा के बेहद कड़े और असाधारण इंतजाम किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लाल चौक, डलगेट, नागरिक सचिवालय और विधानसभा के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं।
शहर के संवेदनशील स्थानों, प्रवेश और निकास द्वारों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। विधानसभा भवन के अंदर और बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है, जहाँ केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से अलर्ट पर हैं।
सूत्रों ने बताया कि विधानसभा सत्र के लिए सुरक्षा को तीन स्तरों' भीतरी,मध्य और बाहरी जोन' में बांटा गया है। भीतरी जोन में केवल अधिकृत सदस्य, सरकारी अधिकारी और सुरक्षाकर्मी ही प्रवेश कर सकते हैं, जबकि मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकृत कर्मचारियों को विशेष पास के माध्यम से मध्य जोन में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। बाहरी जाेन पर पुलिस, सीआरपीएफ और जेकेएसएसएफ के जवान चौबीसों घंटे गश्त पर हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी विरोध प्रदर्शन या अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई बल तैनात किया गया है । जवानों को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा, सीसीटीवी निगरानी को और सक्रिय कर दिया गया है और ड्रोन कैमरों के ज़रिए हवाई निगरानी जारी है।
श्रीनगर में कई प्रमुख मार्गों पर नाके लगाए गए हैं, जहाँ वाहनों और पैदल यात्रियों की गहन तलाशी ली जा रही है। लाल चौक, हरि सिंह हाई स्ट्रीट, रेजीडेंसी रोड और डलगेट इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की गश्त बढ़ा दी गयी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये उपाय नियमित हैं, लेकिन विधानसभा सत्र के कारण सुरक्षा अलर्ट को एक स्तर तक बढ़ा दिया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित