रांची, दिसंबर 10 -- झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आज सदन ने झारखंड पर्यटन विकास और निबंधन (संशोधन) विधेयक 2025 को ध्वनि मत से मंजूरी प्रदान कर दी।
भोजनावकाश के बाद सदन में राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस विधेयक को पेश किया। सदन ने चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। इससे पहले मंत्री श्री कुमार ने सीवी रमन ग्लोबल विश्वविद्यालय विधायक 2023, आरोग्यम इंटरनेशनल विश्वविद्यालय विधेयक 2023, जैन विश्वविद्यालय विधायक 2023 शाईन नेशनल विश्वविद्यालय विधायक 2023 को वापस ले लिया। इन विधेयकों को सदन ने पहले ही मंजूरी दी थी लेकिन राज्य सरकार ने सदन से अनुमति लेकर इन विधेयकों को वापस ले लिया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही गुरुवार को 11:00 दिन तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले आज राज्य के संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने रांची के राजभवन का नाम बिरसा मुंडा भवन और दुमका के राज भवन का नाम सिद्धू कानू भवन रखने का प्रस्ताव सदन में रखा।
भोजनावकाश से पहले भारतीय जनता पार्टी के राज सिंहा के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि धनबाद जिला अंतर्गत मैथन डैम परियोजना के लिए विस्थापित किए गए अनुसूचित जनजाति के परिवारों को विस्थापन के तहत मौज केशरकुरल में पुनर्वासित 30 परिवारों को उपलब्ध कराई गई भूमि की वर्तमान स्थिति एवं भूमि पर कानूनी मालिकाना हक दिलाने के संबंध में अग्रतार कार्रवाई के लिए 15 दिसंबर 2025 को धनबाद के उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई है। बैठक में प्रकाश में आए तथ्य एवं सूचना के आलोक में नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला 1954 का है। अनुसूचित जनजाति के परिवार को पुनर्वासन नीति के तहत भूमि पर कानूनी अधिकार दिलाने के लिए प्रभावित परिवारों की सूची एवं विस्थापन नीति पर विशेष चर्चा किया जाना आवश्यक है।
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