विद्या शंकर रायलखनऊ , अप्रैल 18 -- उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के विधानसभा को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) ने व्यापक स्तर पर वोटर जोड़ने का अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। एसआईआर के बाद सपा में शुरू हो रही इस क़वायद को चुनावी लिहाज से काफ़ी अहम माना जा रहा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ख़ुद समय समय पर इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी का लक्ष्य है कि कोई भी समर्थक मतदाता वोट देने से वंचित न रह जाए। इसके लिए कार्यकर्ता घर-घर जाकर न सिर्फ नए मतदाताओं का पंजीकरण कराएंगे, बल्कि गलत या अप्रासंगिक नामों को सूची से हटवाने का भी काम करेंगे।
पार्टी नेतृत्व की ओर से सभी बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) और बूथ कमेटियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। खासतौर पर उन बूथों पर फोकस रहेगा, जहां सपा की स्थिति मजबूत मानी जाती है।
हर बूथ पर 10-12 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, जिन्हें घर-घर जाकर सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
निर्वाचन आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी की गई अंतिम मतदाता सूची में करीब 13.40 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
हालांकि इस प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में करीब 2.04 करोड़ मतदाता सूची से कम हो गए हैं, जिसे लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक बूथ पर औसतन 900 से 1200 मतदाता होते हैं। ऐसे में यदि एक कार्यकर्ता 100 घरों तक भी पहुंचता है, तो बड़ी संख्या में छूटे हुए या गलत प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान संभव है। सपा ने प्रदेश के 1.62 लाख बूथों में से 1.60 लाख बूथों पर अपने बीएलए तैनात कर दिए हैं।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, संभावित प्रत्याशियों और पूर्व सांसदों-विधायकों को भी मैदान में उतारा जाएगा। यह निर्देश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से दिए गए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित