कोलकाता , फरवरी 05 -- विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश करते हुए भत्तों और अनुदानों में बढ़ोतरी की घोषणा की।

वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश इस अंतरिम बजट में कई लोकलुभावन घोषणाएं की गईं। इनमें प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के आवंटन में बढ़ोतरी, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में इजाफा और बेरोजगार युवाओं के लिए नयी सहायता योजना शामिल है।

बजट की सबसे बड़ी घोषणा लोकप्रिय 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत दी जाने वाली मासिक सहायता में 500 रुपये की बढ़ोतरी है। यह योजना 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। बढ़ी हुई राशि फरवरी से लागू होगी। इसके लिए बजट में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी चार प्रतिशत डीए वृद्धि की राहत दी गयी है। यह घोषणा ऐसे समय में की गयी है जब उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में डीए को कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार करार दिया है और 31 मार्च, 2026 तक कम से कम 25 प्रतिशत बकाया भुगतान का निर्देश दिया है। इसके साथ ही राज्य में सातवें वेतन आयोग को लागू करने की भी घोषणा की गयी है।

सहायक-शिक्षक, शिक्षाबंधु और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में अप्रैल से 1,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश देने का भी फैसला किया गया है।

बेरोजगार युवाओं के लिए 'बांग्लार युवा साथी' नामक नयी योजना की घोषणा की गयी है, जिसके तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को पांच वर्षों तक 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। सरकार ने नागरिक स्वयंसेवकों और ग्रीन पुलिस कर्मियों के मानदेय में भी 1,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं।

ग्रामीण रोजगार के लिए 100-दिवसीय कार्य योजना में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी 1,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है तथा उनके निधन की स्थिति में परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके लिए 280 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित