जगदलपुर , जनवरी 05 -- छत्तीसगढ में बस्तर जिले की शासकीय शिक्षण संस्थाओं में अब शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और हाईटेक होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब उपस्थिति केवल राज्य शासन द्वारा विकसित विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रतिदिन की उपस्थिति से संबंधित सटीक और पारदर्शी डेटा शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को उपलब्ध कराना है। इस डेटा के आधार पर स्कूलों की नियमित समीक्षा, निगरानी और शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा।
इस प्रणाली को लागू करते समय विभाग ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी निर्देश भी जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को विद्या समीक्षा केंद्र ऐप अपने मोबाइल फोन में विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद ही इंस्टॉल और पंजीकृत करना अनिवार्य होगा। दरअसल, ऐप इंस्टॉलेशन और रजिस्ट्रेशन के समय जीपीएस तकनीक के माध्यम से विद्यालय की लोकेशन स्वतः रिकॉर्ड हो जाती है।
यदि कोई शिक्षक विद्यालय परिसर से बाहर रहते हुए या अपने घर से ऐप इंस्टॉल अथवा पंजीकरण करने का प्रयास करता है, तो उसकी वर्तमान लोकेशन और सर्वर में दर्ज विद्यालय की लोकेशन का मिलान नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में लोकेशन मिसमैच होने के कारण शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकेगी। इसे देखते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित होकर ही ऐप से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूर्ण करें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल उपस्थिति प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि स्कूलों में समयबद्धता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
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