अलवर , फरवरी 19 -- राजस्थान में अलवर सरिस्का बाघ अभयारण्य में प्रशिक्षण के लिये आये विदेशी पशु चिकित्सक राजस्थान की संस्कृति में ऐसे रम गए कि उन्होंने सरिस्का में बसे गांव की महिलाओं की लूगड़ी पहनकर जमकर नृत्य किया।
भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की तरफ से सरिस्का क्षेत्र में पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 27 फरवरी तक चलेगा। इसमें 20 से ज्यादा देशों से आए पुरुष एवं महिला पशु चिकित्सक प्रशिक्षण ले रहे हैं। पशु चिकित्सकों का दल प्रशिक्षण के दौरान सरिस्का के जंगल में बसे हरिपुरा गांव में पहुंचा। वहां विदेशी महिला एवं पुरुष पशु चिकित्सकों ने राजस्थानी घाघरा लुगड़ी पहनकर राजस्थानी एवं हरियाणवी गीतों पर जमकर नृत्य करते हुए गांव की महिलाओं के साथ ठुमके लगाए।
सरिस्का के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अभिमन्यु सहारन ने बताया कि डब्ल्यूआईआई की तरफ से सरिस्का में 18 दिनों की अवधि के लिये पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें 20 से ज्यादा देशों के करीब 50 महिला एवं पुरुष पशु चिकित्सक शामिल हो रहे हैं। नौ फरवरी से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 फरवरी तक चलेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित