चंडीगढ़ , नवंबर 03 -- पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को राज्य के लगभग 3.15 लाख पेंशनरों के लिए पेंशन सेवाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 'पेंशनर सेवा पोर्टल' का शुभारंभ किया।

वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि पोर्टल की शुरुआत में पेंशनरों को छह प्रमुख सेवाएँ प्रदान की जाएंगी, जिन में जीवन प्रमाण' मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना, उत्तराधिकारी मॉड्यूल के जरिए पेंशन को पारिवारिक पेंशन में परिवर्तित करने के लिए आवेदन देना, लीव ट्रैवल कंसेशन (एल.टी.सी.) के लिए आवेदन करना, शिकायत निवारण मॉड्यूल के माध्यम से पेंशन संबंधी शिकायतें दर्ज करना, प्रोफाइल अपडेट मॉड्यूल के जरिए व्यक्तिगत जानकारी में संशोधन करना,ई-के.वाई.सी. सत्यापन की सुविधा लेना शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि इन सेवाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल है। पेंशनर आधार प्रमाणीकरण सुविधा के माध्यम से ई-के.वाई.सी. पूर्ण कर 'पेंशनर सेवा पोर्टल' पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने मोबाइल फोन, पीसी या लैपटॉप के माध्यम से लॉगिन करके घर बैठे ही इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन सेवाओं का लाभ नज़दीकी सेवा केंद्रों, संबंधित बैंक शाखाओं या ज़िला कोषालय कार्यालयों के माध्यम से भी लिया जा सकता है। इसके अलावा होम डिलीवरी सेवा का विकल्प भी उपलब्ध है।

विदेशों में रहने वाले पेंशनरों की स्थिति स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि फिलहाल यह पोर्टल केवल भारत के भीतर ही लागू है, इसलिए विदेशी पेंशनरों को प्रारंभिक चरण में ई-के.वाई.सी. पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एन.आर.आई. पेंशनरों के लिए ई-के.वाई.सी. सुविधा को जल्द ही सक्षम किया जाएगा। तब तक विदेशी पेंशनर पहले की तरह मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराते रहेंगे।

वित्त मंत्री ने बताया कि ज़िला कोषालयों, बैंकों और सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को इस पोर्टल के संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया गया है और विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह प्रणाली पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण चरण पूरा कर चुकी है, जिससे राज्यभर में इसके पूर्ण कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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