नयी दिल्ली , नवंबर 17 -- सोलहवें वित्त आयोग ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जिसमें अगले पांच वर्ष की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व और अन्य वित्तीय संसाधनों के बंटवारे के बारे में सिफारिशें हैं।

आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में आयोग के सदस्यों ने राजधानी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंपी। ये सिफारिशें 2026-31 के लिए हैं। सोलहवें वित्त आयोग का गठन 31 दिसंबर 2023 को किया गया था।

वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है और इसकी भूमिका अर्ध न्यायिक एवं सलाहकार की होती है। इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत राष्ट्रपति द्वारा हर पांच साल में गठित किया जाता है। इसका मुख्य काम केंद्र और राज्य सरकारों के बीच करों और वित्तीय संसाधनों के वितरण की सिफारिश करना है।

आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करते समय सभी राज्यों के साथ साथ विशेषज्ञों से भी परामर्श करता है। इसकी सिफारिशें बाध्यकारी नहीं होती हैं लेकिन सरकारें मौटे तौर पर इसकी सिफारिशों के आधार पर फैसले करती हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित