नयी दिल्ली , अप्रैल 01 -- वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देश में वित्तीय अपराधों के खिलाफ एक मजबूत ढाल के रूप में कार्य कर रही है और आम नागरिकों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्री चौधरी ने आज यहां आयोजित 70वें प्रवर्तन दिवस समारोह में ईडी की भूमिका और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईडी देश में वित्तीय अपराधों के खिलाफ एक मजबूत ढाल के रूप में कार्य कर रही है और आम नागरिकों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ईडी को दी गई शक्तियां किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला, बेनामी संपत्ति, बैंक घोटाले और आतंकवाद की फंडिंग जैसे गंभीर अपराधों को रोकने के लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये अपराध देश और समाज के लिए "कैंसर" के समान हैं, जिनसे सख्ती से निपटना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक ईडी ने लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं, जिनमें से करीब 63 हजार करोड़ रुपये वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे एजेंसी की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे बैंकों, निवेशकों और आम लोगों को सीधा लाभ मिला है।

श्री चौधरी ने साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और क्रिप्टो करंसी से जुड़े अपराधों को नई चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ इन अपराधों में भी वृद्धि हुई है, जिनसे निपटने के लिए ईडी और अन्य एजेंसियां लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

उन्होंने न्याय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जांच एजेंसियों को समय पर अदालतों में अभियोजन प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। इसके साथ ही भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने और उनके प्रत्यर्पण की दिशा में भी तेजी लाने की आवश्यकता बताई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईडी की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि भारत वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराधों के खिलाफ मजबूत नेतृत्व प्रस्तुत कर रहा है।

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