जालंधर , मार्च 09 -- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस डिवीजन नंबर 2, कमिश्नरेट जालंधर में तैनात सहायक उप-निरीक्षक गोपाल सिंह को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि उक्त आरोपी को जालंधर के गांधी कैंप निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता एक ज्योतिषी के रूप में काम करता है। उसकी शिकायत पर ही पुलिस थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने उसके पड़ोसी विजय राज उर्फ पाली को नशीले पदार्थ की तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद, शिकायतकर्ता विजय राज उर्फ पाली की बहन और मोहल्ला प्रधान के साथ थाना डिवीजन नंबर 2 गया, जहां उन्हें पता चला कि विजय राज उर्फ पाली के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि दो दिन बाद, आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता को फोन किया और चेतावनी दी कि यदि वह थाने आकर उससे नहीं मिला, तो उसका नाम भी उक्त मामले में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद, जब शिकायतकर्ता का छोटा भाई बलवंत और मोहल्ला प्रधान अमित कुमार उर्फ लवली भगत थाना डिवीजन नंबर 2 में आरोपी एएसआई से मिले, तो आरोपी ने शिकायतकर्ता को मामले में न फँसाने के बदले 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता के छोटे भाई बलवंत और अमित कुमार उर्फ लवली भगत के अनुरोध पर आरोपी ने रिश्वत की राशि घटाकर 20,000 रुपये कर दी। मजबूरी में उन्होंने मौके पर ही आरोपी को 10,000 रुपये दे दिये। हालांकि, आरोपी बाकी बचे 10,000 रुपये के लिए अड़ा रहा। जब उन्होंने शेष राशि देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी बाद में 8,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था।

शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी एएसआई को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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