चेन्नई , फरवरी 13 -- अभिनेता-राजनेता और नवगठित तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के संस्थापक विजय ने शुक्रवार को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक के खिलाफ अपना हमला तेज किया। उन्होंने यह कहते हुए राजनीतिक रूप से द्रमुक के विरोध को उचित ठहराया कि सत्ता में वही है जो जनता को धोखा दे रही है।
उन्होंने विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की सलेम जिला रैली को संबोधित करते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन पर जमकर हमला बोला और उन पर टीवीके की गतिविधियों को दबाने की कोशिश करने एवं उचित शासन सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि द्रमुक सरकार सार्वजनिक सभाओं एवं जन संपर्क कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान राजनीतिक दलों के लिए घोषित 'मानक संचालन प्रक्रियाओं' (एसओपी) के नाम पर लोगों से मिलने में हर तरह का बाधा उत्पन्न रही है। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी द्वारा उनकी पार्टी और उन पर लोगों से मिलने एवं बैठकें आयोजित करने के लिए लगाई गई बाधाओं/शर्तों की संख्या का हवाला देते हुए कहा क हमारे लिए यह 'स्टालिन सर संचालन प्रक्रियाएं' हैं।
द्रमुक पर लगातार हमले करने के आरोप का उल्लेख करते हुए, विजय ने इसे उचित ठहराया और कहा कि यह वही पार्टी है जो राज्य में सत्ता में है और अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी भी पार्टी को खत्म करने का नहीं है और वे उनका विरोध केवल राजनीतिक एवं वैचारिक रूप से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें केवल सत्ता में मौजूद उन पार्टियों पर हमला करना है जो जनता को धोखा दे रही हैं।
उन्होंने विपक्षी दल अन्नाद्रमुक की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा कि जनता द्वारा सत्ता से हटाए गए लोगों पर हमला नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अंधेरे में पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।
द्रमुक सरकार के दावे पर कि लोग उनके शासन से खुश हैं पर विजय ने अपना हमला तेज करते हुए जानना चाहा कि अगर ऐसा है तो इन दिनों अधिक विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं और सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, डॉक्टरों, दिव्यांगों, अंशकालिक शिक्षकों और अन्य लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का क्या मतलब है।
कुछ महीने पहले विल्लुपुरम जिले के विकारावंडी में टीवीके के पहले राज्य सम्मेलन में हुए 'राजनीतिक बम' को याद करते हुए, जिसमें उनकी पार्टी ने अगली सरकार बनाने पर सत्ता में हिस्सेदारी की बात कही थी, विजय ने कहा कि अब यह बम सभी गठबंधनों में फट रहा है और श्री स्टालिन और द्रमुक इससे हिल गए हैं। यह स्पष्ट रूप से कांग्रेस द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी की मांग के संदर्भ में था, एक ऐसा विचार जिसे श्री स्टालिन ने द्रविड़ बहुल क्षेत्र में उपयुक्त नहीं माना और कहा कि यह काम नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि द्रमुक शासन में "कानून व्यवस्था हो, सुरक्षा हो या महिलाओं की सुरक्षा, सब कुछ नियंत्रण से बाहर है" और उन्होंने विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए श्री स्टालिन की उस टिप्पणी का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि तमिलनाडु हमेशा दिल्ली के नियंत्रण से बाहर रहता है।
उन्होंने घोषणा की कि वे जनता को भ्रष्टाचार मुक्त, स्वच्छ और सुशासन प्रदान करने के लिए राजनीति में आए हैं और दोहराया कि यह चुनाव शुद्ध शक्ति वाली टीवीके और भ्रष्ट शक्ति वाली द्रमुक के बीच सीधा मुकाबला है। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए पूछा कि आप मेरे जैसा जनता से प्रेम करने वाला व्यक्ति चाहते हैं या स्टालिन जैसा जनता से नफरत करने वाला व्यक्ति?"जब लोग विजय-विजय के नारे लगा रहे थे, तो अभिनेता ने कहा, "बस हो गया। सब खत्म... खत्म... खत्म", यह इशारा करते हुए कि द्रमुक की हार होगी। उन्होंने द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों को चुनौती दी कि क्या वे बिना गठबंधन के चुनाव लड़ सकते हैं और कम से कम एक सीट हासिल कर सकते हैं।
विजय ने सलेम के सीलनायक्कनपत्ती गांव में स्थित थलमुथु नटराजन स्टेडियम में एक जोशीले भाषण में दावा किया कि दोनों नेता ( द्रमुक के स्टालिन और अन्नाद्रमुक के एडप्पाडी के पलानीस्वामी) अन्ना, एमजीआर जैसे अपने संस्थापकों और जे जयललिता जैसे नेताओं की अनदेखी करते हुए पार्टियों का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके नामों का इस्तेमाल करके लोगों को धोखा दे रहे हैं।
एक तीखी टिप्पणी में, विजय ने स्वीकार किया कि उनके और उनकी पार्टी के पास द्रमुक द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार कोई अनुभव नहीं है और कहा कि उन्हें जनता का धन लुटने का अनुभव नहीं है।
द्रमुक द्वारा "वेलवोम ओन्द्रगा" (आइए एकजुट होकर जीतें) के नारे को दोहराने पर, विजय ने श्री स्टालिन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह गठबंधन केवल चुनाव जीतने और सारी संपत्ति लूटने के लिए करना चाहते हैं।
द्रमुक पर चुनावी वादों को पूरा न करके जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "द्रमुक ने पहले कहा था कि 2021 के चुनावों के दौरान किए गए 70 प्रतिशत वादे पूरे हो गए हैं। फिर उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत पूरे हो गए हैं... अब वे 80 प्रतिशत कह रहे हैं। इस हिसाब से, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, यह घटकर 50, 40, 30, 20 प्रतिशत तक आ जाएगा।"अपने राजनीतिक सफर को आलोचना एवं प्रतिरोध से भरा बताते हुए अभिनेता ने कहा, "जब दूसरे हमारा उपहास करते हैं, तभी साहस उत्पन्न होता है। साहस ही हर चीज की नींव है। प्रेरणा तब मिलती है जब हम विनम्र होते हैं। हम हर उपहास को जीत में बदल देंगे।"अपने राजनीतिक प्रवेश एवं निवास को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए विजय ने राज्य से अपने भावनात्मक जुड़ाव पर बल दिया और कहा कि उन्होंने राजनीति में केवल जनता की सेवा एवं उद्धार के लिए प्रवेश किया है। द्रमुक द्वारा उनके निवास और पनयूर स्थित टीवीके कार्यालय से बाहर आने की मांग पर विजय ने कहा कि उनका घर तमिलनाडु है।
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